अलीगढ़ के सासनी गेट थाने में दर्ज मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी अमित शर्मा उर्फ गोल्डी को यूपी STF ने बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लूट और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित था और पहचान छिपाकर निर्माण स्थल पर काम कर रहा था।

आरोपी
Bulandshahr: सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरारी काट रहा 50 हजार का इनामी अपराधी आखिरकार STF के शिकंजे में आ गया। पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि आरोपी अलग-अलग जगहों पर पहचान छिपाकर रह रहा है। जैसे ही उसकी लोकेशन बुलंदशहर में मिली। STF की टीम ने बिना देर किए घेराबंदी कर दी और मौके से उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर लूट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स को अलीगढ़ के सासनी गेट थाने में दर्ज एक गंभीर मामले में वांछित आरोपी अमित शर्मा उर्फ गोल्डी की तलाश थी। इस मामले में वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
10 मार्च को STF की टीम बुलंदशहर क्षेत्र में इनामी अपराधियों की तलाश में सक्रिय थी। इसी दौरान सूचना मिली कि अमित शर्मा उर्फ गोल्डी खुर्जा इलाके के पास एक निर्माणाधीन स्कूल की बिल्डिंग में काम कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर करीब शाम 4 बजे उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। साल 2003 में उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर अलीगढ़ में एक रेलवे अधिकारी से लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जेल से छूटने के बाद वह दिल्ली चला गया और वहां काम करने लगा। हालांकि कुछ समय बाद पारिवारिक कारणों से वापस लौट आया। इसके बाद साल 2012 में उसे नकली भारतीय मुद्रा के मामले में फिर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पुलिस के मुताबिक साल 2019 में अलीगढ़ के सासनी गेट इलाके में पुलिस ने लूट के सामान के साथ आरोपी के पांच साथियों को गिरफ्तार किया था। लेकिन उस दौरान अमित शर्मा उर्फ गोल्डी मौके से फरार हो गया था। इसी मामले में उसके खिलाफ दंगा, हमला और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था।
STF की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अलीगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क, साथियों और अन्य आपराधिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।