UP SIR: ये आंकड़े आपके होश उड़ा देंगे, जानें मुस्लिम बहुल जिलों में इतने वोट कटे?

यूपी में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद सामने आए आंकड़े बताते हैं कि मुस्लिम बहुल जिलों में औसत से कम या बराबर वोट कटे हैं, जबकि कई बड़े शहरों और अन्य जिलों में कटौती ज्यादा हुई है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 19 January 2026, 1:56 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की सियासत में मतदाता सूची को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार आंकड़े खुद एक अलग कहानी बयां कर रहे हैं। मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के बाद जब कटे हुए वोटों का ब्योरा सामने आया तो यह चर्चा तेज हो गई कि क्या मुस्लिम बहुल जिलों में ज्यादा नाम हटाए गए हैं। मगर आधिकारिक आंकड़े इस धारणा से उलट तस्वीर दिखाते हैं और बताते हैं कि कई मुस्लिम बहुल जिलों में औसत से कम ही वोट कटे हैं।

मुस्लिम बहुल जिलों में औसत से कम वोट कटे

प्रदेश में कुल औसतन 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। इसके मुकाबले मुस्लिम बहुल अमरोहा में केवल 13.22 प्रतिशत नाम हटे हैं, जबकि यहां मुस्लिम आबादी 40 प्रतिशत से ज्यादा है। आंकड़ों के मुताबिक, मुस्लिम बहुल जिलों में या तो वोट कटने का प्रतिशत प्रदेश के औसत से कम है या फिर लगभग बराबर है।

आंकड़ों की पूरी तस्वीर

27 अक्तूबर 2025 को फ्रीज की गई मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ वोटर दर्ज थे। वहीं 6 जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची में करीब 2.89 करोड़ मतदाता कम हो गए। यूपी में कुल मुस्लिम आबादी 19.26 प्रतिशत है। प्रदेश के दस जिले ऐसे हैं, जहां मुस्लिम आबादी 33 से 50 प्रतिशत के बीच है। इनमें रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अमरोहा, बलरामपुर, बरेली, मेरठ और बहराइच शामिल हैं। इन जिलों में मुस्लिम वोटर चुनावी समीकरण को प्रभावित करने वाले माने जाते हैं।

किन जिलों में कितना वोट कटा

आंकड़ों के अनुसार रामपुर में 18.29 प्रतिशत, मुरादाबाद में 15.76 प्रतिशत, बिजनौर में 15.53 प्रतिशत, सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत और अमरोहा में 13.22 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से हटे हैं। ये सभी आंकड़े प्रदेश के औसत से कम हैं। हालांकि बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, बरेली में 20.99 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत और बहराइच में 20.44 प्रतिशत वोट कटे हैं।

अन्य जिलों में ज्यादा कटौती

अगर गैर-मुस्लिम बहुल जिलों पर नजर डालें, तो कई जगह वोट कटने का प्रतिशत कहीं ज्यादा है। लखनऊ में सबसे ज्यादा करीब 30 प्रतिशत नाम कटे हैं। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत, आगरा में 23.25 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत और शाहजहांपुर में 21.76 प्रतिशत वोटरों के नाम सूची से बाहर हुए हैं।

हर बूथ पर पढ़ी गई सूची, दावे-आपत्तियां शुरू

प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर मसौदा मतदाता सूची पढ़कर सुनाई गई और दावे-आपत्तियां ली गईं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि एसआईआर का मकसद मतदाता सूची को ज्यादा से ज्यादा शुद्ध बनाना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपना नाम जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर फॉर्म-6, 7 या 8 के जरिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करें।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 19 January 2026, 1:56 PM IST