Pratapgarh: दो दिन पहले आई खाद, फिर भी रेट बोर्ड पर NIL! आखिर कहां जा रहा किसानों का हक?

प्रतापगढ़ में रबी सीजन की बुवाई के बीच खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान कृषक सेवा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 7 November 2026, 3:19 PM IST

Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में रबी सीजन की बुवाई के बीच खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों का गुस्सा अब फूटने लगा है। बड़नपुर स्थित यूपी को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (PCF) के कृषक सेवा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की कार्यशैली पर किसानों ने गंभीर सवाल उठाते हुए खाद की कालाबाजारी करने का आरोप लगाया है।

रेट बोर्ड पर 'NIL' लिखकर गुमराह करने का आरोप

क्षेत्रीय किसानों का आरोप है कि दो दिन पहले ही केंद्र पर खाद की रैक आ चुकी है। इसके बावजूद केंद्र के रेट बोर्ड पर सभी मदों के सामने 'NIL' (शून्य) दर्ज किया गया है। किसानों का कहना है कि हर बार समिति के कर्मचारी वास्तविक किसानों को खाद देने के बजाय दलालों के माध्यम से इसे ऊंचे दामों पर बाजार में खपा देते हैं और कागजों पर फर्जी वितरण दिखाकर प्रशासन को गुमराह करते हैं।

रेट बोर्ड पर सभी मदों के सामने 'NIL' दर्ज है(img: Dynamite news)

सुबह से खाद के लिए इंतजार करते किसान

शनिवार को भी केंद्र पर अव्यवस्था और मनमानी का आलम देखने को मिला। खाद की आस में किसान सुबह 9 बजे से ही केंद्र के बाहर जुटने लगे थे, लेकिन सुबह 11 बजे तक कोई भी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। घंटों इंतजार के बाद आक्रोश बढ. गया और नाराज किसान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की।

महंगे दाम पर खाद खरीदने की मजबूरी

किसानों का कहना है कि वर्तमान में रबी फसलों की बुवाई के लिए डीएपी और यूरिया की सख्त जरूरत है। सरकारी केंद्र से खाद न मिलने के कारण उन्हें मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है। इसके अलावा, केंद्र का भवन भी बेहद जर्जर अवस्था में है, जिसकी दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है और ईंटें बाहर झांक रही हैं।

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आक्रोशित किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बड़नपुर केंद्र के स्टॉक का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही, निगरानी समिति के सदस्यों की मौजूदगी में ही खाद का वितरण सुनिश्चित हो। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

Location :  Pratapgarh

Published :  7 November 2026, 3:17 PM IST