
प्रशासक नियुक्त करने के मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई टली (Img: AI Generated Image)
Prayagraj: उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा पंचायत चुनावों (Uttar Pradesh Panchayat Election) को टालकर ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) में चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय में कुल 9 याचिकाएं दायर की गई हैं। इस मामले में सोमवार को एक बार बड़ा अपडेट सामने आया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पंचायत राज चुनाव से जुड़ी याचिकाओं पर एक फिर एक बार सुनवाई टाल दी है। इस मामले में अब अगले हफ्ते सुनवाई होगी।
दरअसल, ग्राम प्रधानों का पांच साल का कार्यकाल मई 2026 में पूरा होने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें नवंबर 2026 तक प्रशासक की जिम्मेदारी दी थी। अब चर्चा इस बात की है कि क्या उन्हें आगे भी कुछ समय के लिए यह जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी बीच प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई एक बार फिर टल गई है।
पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में सबसे अहम कड़ी अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC आरक्षण को माना जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग प्रदेश के सभी 75 जिलों से ग्राम पंचायतवार जानकारी जुटा रहा है। इसमें कुल आबादी, OBC, SC और ST आबादी, OBC आबादी का प्रतिशत, पंचायत में वार्डों की संख्या और पहले लागू आरक्षण जैसी कई जानकारियां शामिल हैं।
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आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में OBC आरक्षण का नया प्रारूप तैयार किया जाना है। रिपोर्ट नवंबर या दिसंबर 2026 के आसपास आने की संभावना बताई जा रही है। इसके बाद शासन स्तर से आरक्षण की अनंतिम सूची तैयार होगी। इस सूची पर लोगों से आपत्तियां मांगी जाएंगी और उनका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद ही अंतिम आरक्षण सूची जारी करने का रास्ता साफ होगा।
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ अंतिम मतदाता सूची और चुनावी अधिसूचना भी जरूरी होगी। इन सभी चरणों में समय लगने की वजह से पंचायत चुनाव के कार्यक्रम को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही चुनावी प्रक्रिया तेजी पकड़ने की उम्मीद है।
प्रशासक के रूप में प्रधानों की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वे मुख्य रूप से रोजमर्रा और प्रशासनिक काम संभाल सकते हैं, जबकि बड़े नीतिगत या वित्तीय फैसलों पर संबंधित प्रशासनिक स्वीकृति की जरूरत हो सकती है।
Location : Prayagraj
Published : 24 August 2026, 4:33 PM IST