NCL में विस्थापितों को नौकरी देने के वादे का उल्लंघन किया गया, बाहरी लोगों को नौकरियां देने का आरोप। अनिल कुमार यादव ने मामले को CJM सोनभद्र में दायर किया, अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।

NCL में नियमावली का उल्लंघन
Sonbhadra: जिले के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य अनिल कुमार यादव ने नॉर्दन कोल्ड फील्ड्स लिमिटेड (NCL) के खिलाफ कानूनी कदम उठाया है। यादव ने अपने अधिवक्ता शक्ति सेन के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) सोनभद्र के न्यायालय में मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि NCL की बीना और खड़िया परियोजनाओं में विस्थापितों को रोजगार देने के वादे के बावजूद, बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है। यह मामला अब 8 सितंबर 2025 को CJM सोनभद्र में सुनवाई के लिए तय किया गया है।
अनिल यादव का आरोप है कि NCL में विस्थापितों के लिए 80% नौकरियां आरक्षित होने के बावजूद, संविदा नियमावली का उल्लंघन किया गया है। NCL के बीना और खड़िया परियोजना के मुख्य महाप्रबंधकों ने बाहरी लोगों को नौकरी दी और विस्थापितों की अनदेखी की। इस धोखाधड़ी की शिकायत स्थानीय विस्थापितों द्वारा कई बार NCL प्रबंधन से की गई, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। यादव ने इसे स्थानीय लोगों के अधिकारों का उल्लंघन और उनके हक को दबाने की साजिश बताया है।
Sonbhadra: NCL में विस्थापितों को नौकरी देने के वादे का उल्लंघन किया गया, बाहरी लोगों को नौकरियां देने का आरोप। अनिल कुमार यादव ने मामले को CJM सोनभद्र में दायर किया, अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।#Sonbhadranews #NCL #LocalRights #EmploymentFraud pic.twitter.com/Md7ELJu7xx
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) August 25, 2025
स्थानीय लोग लंबे समय से NCL में अपनी नौकरी की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर कई बार प्रदर्शन भी हुए, जिनमें स्थानीय लोग अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरे। हालांकि, NCL महाप्रबंधक की ओर से हमेशा इन प्रदर्शन को दबा दिया गया। ऐसे में स्थानीय लोगों में असंतोष और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि NCL ने अपनी परियोजनाओं के लिए विस्थापितों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन उनके अधिकारों का उल्लंघन करते हुए बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है।
स्थानीय लोगों की शिकायतें अब न्यायालय में उठाई गई
न्यायालय में दायर किए गए मुकदमे में यह आरोप भी लगाया गया कि स्थानीय लोगों की शिकायतों को नजर अंदाज किया गया और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। यह मामला अब न्यायालय में होने वाली सुनवाई के बाद आगे बढ़ेगा, और उम्मीद की जा रही है कि न्यायालय स्थानीय लोगों को उनके अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस मामले की सुनवाई 8 सितंबर 2025 को सोनभद्र के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि न्यायालय उनके हक में निर्णय देगा और NCL को विस्थापितों को नौकरी देने के लिए मजबूर करेगा।