नाव पर पक रहा खाना, घरों पर मंडरा रहा खतरा; लखीमपुर खीरी में बाढ़ का ऐसा कहर कभी नहीं देखा!

लखीमपुर खीरी में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई गांवों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं घरों में पानी पहुंच गया तो कहीं रास्ते बंद होने से लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ है। आखिर किन गांवों पर सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 September 2026, 1:19 PM IST

Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी में नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ कई इलाकों में हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। बनबसा बैराज से मंगलवार को 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बुधवार शाम शारदा नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। पलिया, भीरा और विजुआ क्षेत्र के कई गांवों में पानी पहुंच गया है। कुछ जगह लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

नाव पर खाना बनाने को मजबूर परिवार

पलिया तहसील के शाहपुर ग्राम पंचायत के कई मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। ढकिया, कुंवरपुर, नरायनपुरवा और बझेड़ा समेत आसपास के गांवों में पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। नरायनपुरवा में एक परिवार बाढ़ के बीच नाव पर खाना बनाता नजर आया। कुंवरपुर खुर्द में करीब 30 से 40 घरों में पानी भर गया है और कई परिवारों को छतों पर रहने की नौबत आ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी का पानी हर साल गांवों की ओर बढ़ता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया।

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राहत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की शिकायत

जलभराव के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव, खाने-पीने की सामग्री, पशुओं के चारे और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था कराने की मांग की है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे अधिकारी उनकी समस्याएं सुने बिना लौट गए। दूषित पानी के इस्तेमाल से भी लोगों की चिंता बढ़ रही है।

एसडीएम पुष्पक ने लेखपाल को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में नाव उपलब्ध कराने और जरूरी सुविधाएं देने की बात भी कही गई है।

कई रास्तों पर पानी, बच्चों की आवाजाही बंद

बिजुआ ब्लॉक के कई गांव भी बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हैं। खेतों और घरों के बीच पानी फैलने से पशुओं के लिए चारा लाना भी चुनौती बन गया है। पलिया से नगला जाने वाले रास्ते समेत कई जगह पानी बह रहा है। कुछ मार्गों पर पुलिया के ऊपर तक पानी पहुंच गया है।

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फरधान क्षेत्र में जमुआरी नदी का जलस्तर बढ़ने से परसेहराबुजुर्ग, जगन्नाथपुर और शंकरपुर समेत कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। पुलिया के ऊपर पांच से छह फुट तक पानी बहने की जानकारी है। इससे बच्चों का कॉलेज जाना भी बंद हो गया है और ग्रामीणों को दूसरे रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

घाघरा की कटान ने बढ़ाई चिंता

धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी की कटान भी तेजी से हो रही है। अब तक करीब 160 हेक्टेयर जमीन फसलों समेत नदी में समा चुकी है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि कटान अब आबादी की ओर बढ़ रही है। करीब 20 परिवारों के घर खतरे की जद में बताए जा रहे हैं।

दूसरी तरफ, अत्यधिक बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए जिले में कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में 3 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन की नजर जलस्तर और प्रभावित गांवों की स्थिति पर बनी हुई है। आने वाले समय में नदी का रुख किस तरफ जाता है, इसे लेकर ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

Location :  Lakhimpur Kheri

Published :  3 September 2026, 1:19 PM IST