
CM योगी आदित्यनाथ (Img: X)
Lucknow: नई नियमावली के तहत प्रदेश में काम करने वाले कर्मचारियों को नियोक्ता की ओर से नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इसमें कर्मचारी का पद, काम की श्रेणी, वेतन, सेवा शर्तें और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी। इस व्यवस्था से कर्मचारियों के पास उनके रोजगार का आधिकारिक रिकॉर्ड रहेगा। इससे नौकरी से जुड़े विवादों में भी श्रमिकों को मदद मिलने की उम्मीद है।
नए नियमों में श्रमिकों के अवकाश को लेकर भी प्रावधान किया गया है। जो कर्मचारी एक साल में कम से कम 180 दिन काम करेंगे, उन्हें वेतन के साथ वार्षिक अवकाश लेने का अधिकार मिलेगा। इससे लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को आराम और छुट्टी का लाभ मिल सकेगा।
यह भी पढ़ें: Lucknow-Kanpur Expressway: अब सिर्फ 45 मिनट में पूरा होगा सफर, जानें यूपी के पहले बैरियर-फ्री हाईवे की हर खूबी
श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नई नियमावली में वार्षिक स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है। इसके तहत कर्मचारियों का हर साल स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा और इसका खर्च नियोक्ता को उठाना होगा। सरकार का उद्देश्य काम के दौरान होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की समय रहते पहचान करना और श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था में कंपनियों और अन्य संस्थानों को कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन करना होगा। श्रमिकों को बेहतर और सुरक्षित कामकाजी माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इससे कारखानों, प्रतिष्ठानों और अन्य कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नियमावली में श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी देने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही निर्धारित काम के घंटों से अधिक काम कराने पर ओवरटाइम का भुगतान करना होगा। ओवरटाइम के लिए श्रमिकों को सामान्य वेतन दर से दोगुना भुगतान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे अतिरिक्त समय तक काम करने वाले कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा होगी।
यह भी पढ़ें: Lucknow Fire Case: अलीगंज अग्निकांड में बड़ा खुलासा! पूर्व LDA वीसी समेत 100 से ज्यादा अफसरों पर होगी कार्रवाई?
नई नियमावली में महिला कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। महिलाएं अपनी सहमति से रात की पाली में काम कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करना जरूरी होगा। इस कदम से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ काम के समय को लेकर अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश में काम करने वाले संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करना है। नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित कार्यस्थल, सवेतन अवकाश और ओवरटाइम भुगतान जैसे प्रावधान कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रोजगार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Location : Lucknow
Published : 26 August 2026, 8:53 AM IST