UP Labour Code Rules 2026: अब यूपी में बिना नियुक्ति पत्र काम नहीं करा सकेंगे मालिक, कामगारों को मिलेंगे ये बड़े अधिकार

उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशाएं संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी दी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 August 2026, 8:53 AM IST

Lucknow: नई नियमावली के तहत प्रदेश में काम करने वाले कर्मचारियों को नियोक्ता की ओर से नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य होगा। इसमें कर्मचारी का पद, काम की श्रेणी, वेतन, सेवा शर्तें और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी। इस व्यवस्था से कर्मचारियों के पास उनके रोजगार का आधिकारिक रिकॉर्ड रहेगा। इससे नौकरी से जुड़े विवादों में भी श्रमिकों को मदद मिलने की उम्मीद है।

180 दिन काम करने पर मिलेगा सवेतन अवकाश

नए नियमों में श्रमिकों के अवकाश को लेकर भी प्रावधान किया गया है। जो कर्मचारी एक साल में कम से कम 180 दिन काम करेंगे, उन्हें वेतन के साथ वार्षिक अवकाश लेने का अधिकार मिलेगा। इससे लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को आराम और छुट्टी का लाभ मिल सकेगा।

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हर साल नियोक्ता कराएगा मुफ्त स्वास्थ्य जांच

श्रमिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नई नियमावली में वार्षिक स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है। इसके तहत कर्मचारियों का हर साल स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा और इसका खर्च नियोक्ता को उठाना होगा। सरकार का उद्देश्य काम के दौरान होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की समय रहते पहचान करना और श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

कार्यस्थल पर सुरक्षा के नियम होंगे सख्त

नई व्यवस्था में कंपनियों और अन्य संस्थानों को कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का पालन करना होगा। श्रमिकों को बेहतर और सुरक्षित कामकाजी माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इससे कारखानों, प्रतिष्ठानों और अन्य कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

न्यूनतम वेतन और ओवरटाइम का मिलेगा लाभ

नियमावली में श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी देने पर भी जोर दिया गया है। इसके साथ ही निर्धारित काम के घंटों से अधिक काम कराने पर ओवरटाइम का भुगतान करना होगा। ओवरटाइम के लिए श्रमिकों को सामान्य वेतन दर से दोगुना भुगतान किए जाने का प्रावधान किया गया है। इससे अतिरिक्त समय तक काम करने वाले कर्मचारियों के आर्थिक हितों की रक्षा होगी।

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महिला कर्मचारियों को नाइट शिफ्ट की अनुमति

नई नियमावली में महिला कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। महिलाएं अपनी सहमति से रात की पाली में काम कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करना जरूरी होगा। इस कदम से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ काम के समय को लेकर अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है।

संगठित और असंगठित श्रमिकों को होगा फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले का उद्देश्य प्रदेश में काम करने वाले संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करना है। नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित कार्यस्थल, सवेतन अवकाश और ओवरटाइम भुगतान जैसे प्रावधान कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रोजगार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

Location :  Lucknow

Published :  26 August 2026, 8:53 AM IST