UP में आज जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट, जानिये इस सूची से किसे मिलेगा झटका और किसे फायदा

उत्तर प्रदेश में एसआईआर अभियान के बाद आज अंतिम मतदाता सूची जारी होगी, जिसमें लगभग दो करोड़ नाम कम होने का अनुमान है। इस अपडेट का सीधा असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और परिणामों पर पड़ सकता है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 10 April 2026, 8:54 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े पांच माह तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा इसे औपचारिक रूप से प्रकाशित करेंगे। इस सूची को आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

व्यापक बदलाव के संकेत

इस बार की मतदाता सूची कई मायनों में अलग मानी जा रही है। व्यापक सत्यापन, आपत्तियों के निस्तारण और नए पंजीकरण की प्रक्रिया के चलते मतदाताओं का स्वरूप बदल गया है। अंतिम सूची में करीब 13.35 करोड़ मतदाताओं के शामिल होने का अनुमान है, जो वर्ष 2025 की सूची की तुलना में लगभग दो करोड़ कम हो सकता है।

नाम घटने के प्रमुख कारण

मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के पीछे मृतक, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अप्रमाणित मतदाताओं को हटाया जाना मुख्य कारण है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, सूची को अधिक पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

SIR अभियान की प्रक्रिया

SIR अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर से हुई थी और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया। छह जनवरी को जारी ड्राफ्ट सूची में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए थे, जिसके बाद सूची में 12.55 करोड़ मतदाता रह गए थे। इसके बाद दावों और आपत्तियों की विस्तृत प्रक्रिया चलाई गई।

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पुराने रिकॉर्ड की भी जांच

पुनरीक्षण के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़े 1.04 करोड़ रिकॉर्ड की जांच की गई। साथ ही 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियों को लेकर सत्यापन हुआ। जिन मतदाताओं ने निर्धारित समय में अपने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए, उनके नाम अंतिम सूची से बाहर कर दिए गए हैं।

नए मतदाताओं की बड़ी संख्या

इस दौरान मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। 27 अक्टूबर से छह मार्च के बीच 86.69 लाख नए मतदाताओं ने फार्म-6 जमा किए। वहीं 3.18 लाख लोगों ने अपने या अन्य के नाम हटाने के लिए फार्म-7 दाखिल किया। इन आवेदनों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में नए मतदाताओं की बड़ी संख्या शामिल होगी।

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चुनावी रणनीति पर असर

अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही राजनीतिक दलों की रणनीति भी तेज हो जाएगी। यह सूची मतदान प्रक्रिया का आधार होती है, इसलिए इसमें हुए बदलाव सीधे तौर पर चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। बूथ स्तर पर तैयारियों और मतदाता संपर्क अभियान की दिशा भी इसी सूची के आधार पर तय होगी।

प्रशासन की तैयारियां पूरी

प्रशासनिक स्तर पर अंतिम सूची जारी करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्वाचन आयोग का कहना है कि सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार विशेष ध्यान दिया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि अंतिम आंकड़े चुनावी राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं।

Location :  Lucknow

Published :  10 April 2026, 8:54 AM IST