
फार्मर आईडी अभियान तेज (सोर्स- Pinterest)
Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश में किसानों की फार्मर आईडी बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस क्रम में लखीमपुर खीरी जिला प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है, जहां अब तक 6,00,018 किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह अभियान लगातार गति पकड़ रहा है।
जिले ने इस उपलब्धि के साथ प्रदेशीय स्तर पर 29वां स्थान हासिल किया है। अधिकारियों का दावा है कि लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 83.11 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
जिले में अलग-अलग माध्यमों से किसानों का पंजीकरण किया गया है। जन सेवा केंद्रों के माध्यम से 3,47,650 किसानों की फार्मर आईडी बनी है। वहीं सेल्फ मोड से 75,000 किसानों ने स्वयं पंजीकरण किया है। सहायक ऐप के जरिए 1,62,807 किसानों का डेटा दर्ज हुआ है, जबकि कैंप मोड के माध्यम से 15,207 किसानों की फार्मर आईडी तैयार की गई है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों को जोड़कर अभियान को व्यापक स्तर पर लागू किया गया है।
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अभियान के बीच किसानों को बड़ी राहत देते हुए प्रशासन ने नई सुविधा शुरू की है। अब किसान पोर्टल पर लॉगिन कर स्वयं अपने विवरण में संशोधन और अपडेट कर सकेंगे। इससे छोटे-मोटे सुधारों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस सुविधा से किसानों का समय बचेगा और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे पंजीकरण और अपडेट दोनों कार्यों में तेजी आएगी।
प्रदेश में भी कई जिलों ने फार्मर आईडी निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति की है। आजमगढ़ में 7.44 लाख, जौनपुर में 6.96 लाख तथा सीतापुर में 6.68 लाख किसानों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। लखीमपुर खीरी भी छह लाख से अधिक पंजीकरण के साथ इस सूची में प्रमुख जिलों में शामिल है।
कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द पंजीकरण करा लें। अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य की जा रही है।
विभाग का कहना है कि गांव-गांव विशेष शिविर लगाकर शेष किसानों का भी पंजीकरण पूरा कराया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
दूसरी ओर वन क्षेत्र में किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दुधवा नेशनल पार्क की मझगई रेंज के अंतर्गत गुलरा चौकी के पास जंगली सुअरों के झुंड ने कंधरहिया गांव के किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग दो एकड़ गन्ने की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। पिछले एक महीने में जंगली सुअरों द्वारा करीब छह एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया जा चुका है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पीड़ित ग्रामीणों ने रेंजर से मांग की है कि जंगली सुअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। किसानों का कहना है कि लगातार हो रहे नुकसान से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने पार्क प्रशासन से भी अपील की है कि जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण लगाया जाए, ताकि उनकी फसलें सुरक्षित रह सकें और नुकसान को रोका जा सके।
Location : Lakhimpur Kheri
Published : 28 June 2026, 4:05 PM IST