यूपी में बिजली बिल को लेकर बड़ा अपडेट, लगातार पांचवें महीने उपभोक्ताओं को राहत

उत्तर प्रदेश में नवंबर 2026 के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को एफपीएएएस के तहत 9.17 प्रतिशत की राहत मिलेगी। यूपीपीसीएल के मुताबिक, जुलाई से लगातार पांचवें महीने उपभोक्ताओं को राहत दी जा रही है। जानिए घरेलू और व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं को इसका कैसे मिलेगा फायदा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 28 October 2026, 9:19 PM IST

लखनऊ : योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नवंबर में बिजली बिल के मोर्चे पर बड़ी राहत मिलने जा रही है। बिजली खरीद और ईंधन की लागत में कमी का फायदा अब सीधे उपभोक्ताओं की जेब तक पहुंचेगा। फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीएएएस) के तहत नवंबर के बिजली बिल में 9.17 प्रतिशत की राहत दी जाएगी। इसका फायदा घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और अन्य श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं को भी मिलेगा। खास बात यह है कि लगातार पांचवें महीने बिजली बिल में इस व्यवस्था के तहत राहत मिलने जा रही है।

नवंबर के बिजली बिल में मिलेगी सबसे ज्यादा राहत

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के मुताबिक, नवंबर में एफपीएएएस के तहत मिलने वाली राहत बढ़कर 9.17 प्रतिशत हो गई है। इससे पहले जुलाई में उपभोक्ताओं को 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत, सितंबर में 7.93 प्रतिशत और अक्टूबर में 5.24 प्रतिशत की राहत दी गई थी। अब नवंबर में राहत का प्रतिशत बढ़ने से बिजली उपभोक्ताओं को पिछले महीनों के मुकाबले अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में घरों से लेकर कारोबार तक बिजली बिल के खर्च में राहत महसूस की जा सकती है।

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बिजली खरीद की लागत घटी

एफपीएएएस व्यवस्था का मकसद बिजली खरीद और ईंधन की वास्तविक लागत में आने वाले बदलाव का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। जब बिजली खरीदने और ईंधन पर होने वाला वास्तविक खर्च निर्धारित टैरिफ में शामिल लागत से कम रहता है तो इस अंतर का फायदा बिजली बिल में राहत के रूप में दिया जाता है। यूपीपीसीएल इसी व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को लगातार राहत पहुंचा रहा है। नवंबर में 9.17 प्रतिशत की राहत मिलना बिजली खर्च के बेहतर प्रबंधन का संकेत माना जा रहा है।

उपभोक्ता हितों पर यूपीपीसीएल का जोर

यूपीपीसीएल का कहना है कि प्रदेश में भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के साथ उपभोक्ता सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। लगातार पांच महीने से मिल रही राहत को पारदर्शी बिलिंग और बिजली खरीद के बेहतर प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी उपभोक्ता को रुपये में कितनी बचत होगी, यह उसके बिजली बिल और लागू दरों पर निर्भर करेगा। ऐसे में नवंबर का बिल आने पर उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत का अंदाजा लग सकेगा।

Location :  Lucknow

Published :  28 October 2026, 9:19 PM IST