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दादरी सीट पर टिकट की जंग (Img: Dynamite News)
Noida: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कई नेताजी विधायक की दौड़ में लग गए हैं, जो नेताजी पिछले 5 साल से गायब थे और जिन्होंने एक भी आम इंसान की फरियाद नहीं सुनी। आज वह भी टिकट मांग रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने 2022 में दादरी विधानसभा से तेजपाल नागर को टिकट दिया था। तेजपाल नागर ने बहुमत हासिल की और विधायक बने, लेकिन अब जिले में चर्चा है कि उनका टिकट कट सकता है। तेजपाल नागर लगातार दो बार से विधायक हैं, लेकिन जब भाजपा के अन्य लोगों को पता चला कि तेजपाल नागर का टिकट कर सकता है तो विधायक की दौड़ में लग गए।
इनमें वह नेताजी भी शामिल हैं, जो 5 साल तक जिले से गायब रहे और कुछ नेताजी का तो निवास स्थान भी लोगों को नहीं पता। इस लिस्ट में सबसे पहले सत्येंद्र अवाना का नाम बताया जा रहा है। हालांकि, सत्येंद्र अवाना पूरे तरीके से गायब नहीं थे। वह लगातार लोगों के बीच में दिखाई दे रहे थे। उसके बाद प्रणीत भाटी का नंबर आता है। प्रणीत भाटी भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष हैं, लेकिन पिछले 5 साल से गायब हैं। जिले में तमाम मुद्दों को लेकर लोग न्याय की मांग करते हैं, लेकिन कभी भी यह नेताजी उनके साथ नजर नहीं आए।
इसके अलावा देव भाटी, इंद्र नागर, बिजेंद्र भाटी और रविंद्र तोंगड़ का नाम भी इस लिस्ट में शामिल बताया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह नेताजी भारतीय जनता पार्टी से टिकट हासिल करके दादरी से विधायक बनने की दौड़ में है।
अब सवाल खड़ा होता है कि जब यह लोग जनता के बीच में जाएंगे और वोट मांगेंगे तो जनता को क्या जवाब देंगे? अगर जनता पूछने लगी कि आप पिछले 5 सालों से कहां पर थे तो शायद इन नेताजी के पास कोई जवाब होगा।
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वहीं जिले में यह भी चर्चा चल रही है कि अगर जमीनी स्तर पर लोगों के मुद्दों को उठाने वालों को टिकट दिया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। कपिल गुर्जर लंबे समय से जमीनी मुद्दों पर लड़ाई लड़ते आए हैं। डॉ रुपेश वर्मा काफी बार न्याय की लड़ाई में जेल जा चुके हैं। इसी तरीके से जगबीर नंबरदार लंबे समय से किसानों की लड़ाई लड़ते आए हैं और लगातार मजदूरों की आवाज को उठाने के लिए प्रदर्शन करते रहते हैं। इसी तरह मोहित नागर हैं। वह लगातार छात्रों और युवाओं की आवाज को उठाते रहते हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने ग्रेटर नोएडा में दलाली कर रहे जीएल बजाज यूनिवर्सिटी के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था। जिले में चर्चा है कि अगर इन जमीनी स्तर की आवाज को उठाने वाले लोगों को टिकट दिया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा।
Location : Noida
Published : 5 July 2026, 5:31 PM IST