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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Chambal: चंबल नदी में मोटरबोट संचालन को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन के बीच एनओसी का मामला अटक गया है। उत्तर प्रदेश प्रशासन से अनुमति मिलने के बावजूद पिनाहट घाट पर मोटरबोट का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इससे चंबल नदी के दोनों किनारों पर बसे 100 से अधिक गांवों के हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मोटरबोट बंद होने से लोगों को चंबल नदी पार करने के लिए धौलपुर और मुरैना के रास्ते जाना पड़ रहा है। इसके कारण यात्रियों को करीब 90 से 150 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मोटरबोट बंद होने का असर केवल रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि व्यापारियों और किसानों पर भी पड़ रहा है। चंबल सीमा से लगे गांवों के लोग खरीदारी और दूसरे जरूरी कामों के लिए पिनाहट बाजार पहुंचते हैं।
बारिश के मौसम में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हर साल 15 जून को पांटून पुल हटा दिया जाता है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से पिनाहट घाट पर मोटरबोट का संचालन कराया जाता है, जो सामान्य तौर पर 15 अक्तूबर तक चलती है।
इस बार मोटरबोट संचालन की अनुमति मिलने में करीब दो महीने का समय लग गया। आरोप है कि अनुमति के बिना भी कुछ समय तक मोटरबोट का संचालन होता रहा। 16 अगस्त को हुए हादसे के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन ने मोटरबोट संचालन बंद करा दिया था।
पीडब्ल्यूडी आगरा के सहायक अभियंता हरीश कुमार के अनुसार मोटरबोट संचालन की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन मध्य प्रदेश प्रशासन की ओर से एनओसी लेने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि पहले कभी मध्य प्रदेश प्रशासन से इस तरह की एनओसी नहीं ली गई थी। मामले को लेकर अधिकारियों से बातचीत चल रही है।
वहीं बाह के उप जिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पिनाहट घाट पर मोटरबोट संचालन की अनुमति उत्तर प्रदेश शासन से मिली हुई है, लेकिन मध्य प्रदेश प्रशासन ने फिलहाल संचालन पर रोक लगा रखी है और अपनी ओर से भी अनुमति लेने को कहा है।
मोटरबोट बंद होने से पिनाहट, जोधपुरा, छदामीपुरा, विप्रावली, पडुआपुरा, महगौली, रेहा, उमरैठा, बघरेना, खिल्ली समेत यूपी के कई गांव प्रभावित हैं। वहीं मध्य प्रदेश के उसैथ, भिंडवा, नयापुरा, रछेड़, बरबाई, बसई, अंबाह, पोरसा समेत कई गांवों के लोग भी परेशान हैं।
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चंबल घाट पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। निर्माणाधीन पक्के पुल के स्टॉपर के पास मिट्टी डालने का काम चल रहा है। इसके बाद वहां सीढ़ी लगाने की तैयारी है।
एसडीएम विनोद कुमार के मुताबिक, एक-दो दिन में वैकल्पिक सीढ़ी लगाने का काम शुरू हो सकता है। हालांकि मोटरबोट संचालन कब शुरू होगा, इस पर यूपी और मध्य प्रदेश प्रशासन के बीच चल रही बातचीत के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
Location : Chambal
Published : 21 August 2026, 12:56 PM IST
Topics : Agra news Chambal News UP News