उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी ने तैयारी शुरू कर दी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव 20 जनवरी को लखनऊ में एक अहम बैठक बुलाकर सांसदों के रिपोर्ट कार्ड और SIR पर चर्चा करेंगे। बैठक में बजट सत्र और प्रत्याशी चयन की रणनीति पर भी विचार होगा।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल बज चुका है। भले ही चुनाव की आधिकारिक तारीखें घोषित न हुई हों, लेकिन सियासी दल अपनी सक्रियता बढ़ा चुके हैं। समाजवादी पार्टी ने भी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार, 20 जनवरी को लखनऊ में एक अहम बैठक बुलाई है।
जानकारी के अनुसार, यह बैठक सपा मुख्यालय में दोपहर 12 बजे आयोजित होगी। बैठक का मकसद आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों की समीक्षा करना और सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर रिपोर्ट लेना है। इस बैठक में समाजवादी पार्टी के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सांसदों के रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा करेंगे और SIR पर भी विशेष चर्चा होगी। सपा ने अपने सांसदों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है, जिसमें उनकी क्षेत्रीय गतिविधियों, जनता से संपर्क और पार्टी की नीतियों को लागू करने के कार्यों का विवरण शामिल है।
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सपा के पास वर्तमान में लोकसभा में 37 और राज्यसभा में 4 सांसद हैं। इस बैठक में सपा प्रमुख आगामी बजट सत्र की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह बैठक विधानसभा चुनाव में उनकी जीत की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सपा प्रमुख ने हाल ही में प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ प्रशासन के व्यवहार पर भी अपनी चिंता जताई। उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, "साधु-संतों, भक्तों-श्रद्धालुओं के साथ अप्रिय व्यवहार का समाचार दुखद है। भाजपा सरकार ‘दिव्य-भव्य’ के दावे से पहले ‘सभ्य’ बने।"
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राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि सपा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई यह बैठक पार्टी के चुनावी रणनीति की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। पार्टी सांसदों से सीधे रिपोर्ट कार्ड लेगी और क्षेत्रीय स्तर पर अपनी ताकत का आंकलन करेगी। इस बैठक के बाद ही सपा की अगली बड़ी रणनीति और प्रत्याशी चयन की रूपरेखा स्पष्ट होगी।