
CM योगी आदित्यनाथ (Image Source: Pinterest)
Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) से नवचयनित 28 वैज्ञानिक (फॉरेंसिक) अधिकारियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किए। 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में तारीख-दर-तारीख की परंपरा बंद कर आम आदमी को समय पर न्याय दिलाने में फॉरेंसिक अधिकारियों को सारथी की भूमिका निभानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब चयन में किसी सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी, तो अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे भी पूरी ईमानदारी, समयबद्धता और शुद्धता से साक्ष्य जुटाकर पीड़ितों को न्याय दिलाएं। पुलिस महारथी और फॉरेंसिक विभाग सारथी बनकर हर व्यक्ति को न्याय दिलाएं। अपराधी को सजा और निर्दोष को सम्मान दिलाने में फॉरेंसिक साक्ष्यों की अहम भूमिका है।
योगी ने कहा कि देश का ध्येय वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ है, लेकिन न्याय के मंदिर में सत्य की विजय के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं। महर्षि गौतम के न्याय दर्शन में प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान और शब्द प्रमाण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले गौतम ने कहा था, ‘यत्र यत्र धूम्रः तत्र तत्र अग्निः।’ यानी जहां धुआं है, वहां आग है। इसी तरह वैज्ञानिक विश्लेषण से खून, बाल और उंगलियों के निशान जैसे साक्ष्य वास्तविक अपराधी तक पहुंचने में मदद करते हैं।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई 2024 में तीन नए भारतीय कानून लागू हुए। इनके तहत सात साल से अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य है। प्रदेश को 500 प्रशिक्षित अधिकारियों की जरूरत थी, लेकिन कानून लागू होने से पहले ही फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट के जरिए 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया।
योगी ने बताया कि 2017 से पहले लखनऊ एयरपोर्ट के पास की बेशकीमती जमीन पर भू-माफिया का कब्जा था। तत्कालीन डीजीपी ने सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले इसकी जानकारी दी। कार्रवाई कर जमीन कब्जामुक्त कराई गई और वहां उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट बनाया गया। आज यह AI, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और क्वांटम फॉरेंसिक का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता, दंगे और कर्फ्यू आम थे। आज यूपी देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में है। साढ़े नौ वर्षों में 2.30 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की पारदर्शी भर्ती हुई और यूपी पुलिस दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस बनी। इसी अवधि में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। अगले छह महीने में एक लाख नियुक्ति-पत्र देने का लक्ष्य है। अगले दिन पुलिस का बड़ा नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम भी होगा।
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने अधिकारियों से ईमानदारी से काम करने की अपील की और कहा कि सरकार हर सुविधा देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस के लॉ एंड ऑर्डर की देश-दुनिया में सराहना होती है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि 2017 में चार विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं थीं, अब 12 हैं और तीन जल्द शुरू होंगी। सभी 75 जिलों के लिए 75 अतिरिक्त मोबाइल फॉरेंसिक वैन दी गई हैं। पांच वर्षों में 51 करोड़ रुपये के उपकरण खरीदे गए।
मुख्यमंत्री ने डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. कुमुदिनी बालागौतम, पवन कुमार प्रजापति, डॉ. कपिल वर्मा, डॉ. प्रवीण कुमार तिवारी, रवि गुप्ता, शशांक शेखर तिवारी और डॉ. अतुल कुमार को नियुक्ति-पत्र सौंपे। मिशन रोजगार के इस छठे कार्यक्रम में 28 नियुक्तियों के साथ सरकारी नौकरी पाने वालों की संख्या 7,170 हो गई। पहले पांच चरणों में विभिन्न विभागों के 7,142 युवाओं को नियुक्ति-पत्र मिले थे। कार्यक्रम में सुरेश कुमार खन्ना, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और एडीजी तकनीकी सेवाएं भगवान स्वरूप समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीजीपी ने मुख्यमंत्री और मंत्री को स्मृति चिह्न व पौधा भेंट किया।
Location : Lucknow
Published : 5 November 2026, 10:06 PM IST