पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए हमले के मामले में सुनवाई तेज, गवाही पर टिकी सबकी नजर

जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर 2002 में हुए जानलेवा हमले के मामले में सुनवाई तेज हो गई है। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में डॉक्टर से दोबारा जिरह हुई है, जबकि अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। मामले में कई आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 18 February 2026, 6:45 PM IST

Varanasi: दो दशक से ज्यादा पुराने सनसनीखेज हमले के मामले में एक बार फिर अदालत में हलचल तेज हो गई है। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले की गूंज मंगलवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में सुनाई दी। करीब 24 साल पुराने इस केस में अब गवाही और जिरह का दौर अंतिम चरण की ओर बढ़ता दिख रहा है।

गवाही के दौरान पुराने मेडिकल रिकॉर्ड

मंगलवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के गवाह, अयोध्या (तत्कालीन फैजाबाद) के उस समय के सरकारी डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोबारा जिरह की गई। अदालत में अभियोजन पक्ष ने डॉक्टर से इलाज, चोटों की प्रकृति और मेडिकल रिपोर्ट से जुड़े कई अहम सवाल पूछे। गवाही के दौरान पुराने मेडिकल रिकॉर्ड और उस समय की परिस्थितियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अदालत ने अगली जिरह के लिए फार्मासिस्ट शुभकरण यादव को तलब किया है, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान देंगे। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को तय की गई है।

2002 में हुआ था ताबड़तोड़ फायरिंग का हमला

अदालती दस्तावेजों के मुताबिक 4 अक्टूबर 2002 को उस समय विधायक रहे धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ चार पहिया वाहन से जौनपुर लौट रहे थे। आरोप है कि वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हॉल के पास बोलेरो से उतरे अभय सिंह और उनके 4-5 साथियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया था।

कई लोग घायल हो गए थे

इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक समेत कई लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। पुलिस जांच में नाम सामने आने पर विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सत्येंद्र सिंह को भी नामजद किया गया। बाद में सभी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।

गवाही के दौर में अहम मोड़

करीब 24 साल पुराने इस केस में अब गवाहों की जिरह बेहद अहम मानी जा रही है। मेडिकल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अदालत के फैसले में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल अदालत में सुनवाई जारी है और अगली तारीख 19 फरवरी को तय है। जिस पर सबकी नजर टिकी हुई है।

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  • Varanasi

Published : 
  • 18 February 2026, 6:45 PM IST