रामपुर जिले के जंगल में तेंदुए के एक शावक की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जंगल में पड़ी एक मोटरसाइकिल के क्लच के तार में फंसकर शावक गंभीर रूप से घायल हो गया था। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उपचार कराया गया, लेकिन कुछ घंटों बाद इलाज के दौरान शावक ने दम तोड़ दिया।

तेंदुए के शावक की दर्दनाक मौत
Rampur: उत्तर प्रदेश के जिला रामपूर के स्वार क्षेत्र अंतर्गत सलारपुर रेंज के हुसैनगंज गद्दी नगली जंगल से एक हृदय विदारक घटना सामने आई। घूंघा नदी के किनारे स्थित जंगल में पड़ी एक मोटरसाइकिल तेंदुए के शावक के लिए जानलेवा साबित हो गई। बताया गया कि मोटरसाइकिल के क्लच का तार जंगल में फैला हुआ था, जिसमें तेंदुए का शावक फंस गया। तार में उलझने से शावक बुरी तरह घायल हो गया और वह खुद को छुड़ाने में असमर्थ रहा। घटना की जानकारी सबसे पहले ग्रामीणों को हुई, जिसके बाद ग्राम प्रधान ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल तेंदुए के शावक को क्लच के तार से निकाला गया। इसके बाद शावक को वन विभाग की सलारपुर चौकी लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका शारीरिक परीक्षण कर उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार शावक को गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं और वह अत्यधिक कमजोर अवस्था में था। तमाम प्रयासों के बावजूद कुछ घंटों के इलाज के बाद तेंदुए के शावक ने दम तोड़ दिया। इस घटना से वन विभाग के अधिकारियों और स्थानीय लोगों में गहरा दुख देखा गया।
रायबरेली में हौसले की जीत, छात्रा ने इस गंभीर बीमारी को दी मात; जानिये पूरा अपडेट
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृत तेंदुए के शावक का पहले पोस्टमार्टम कराया जाएगा। स्वार क्षेत्र के वन रेंजर विजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉक्टरों की पैनल टीम और दो मजिस्ट्रेट की निगरानी में शावक का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया वन्यजीव संरक्षण नियमों के तहत की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की कानूनी या प्रक्रियागत चूक न हो।
Fatehpur News: फतेहपुर वासियों की जिंदगी के साथ बड़ा खिलवाड़, मंडरा रहा मौत का साया
इस घटना ने जंगलों में छोड़े गए पुराने वाहनों और कबाड़ से होने वाले खतरों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का कचरा, तार या वाहन न छोड़ें, क्योंकि यह वन्यजीवों की जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।