“UGC Law एक जुमला है”, सपा सांसद हरेंद्र मलिक का केंद्र सरकार पर तीखा हमला; दिया ये बड़ा बयान

यूजीसी कानून (UGC Law) को लेकर देश में बढ़ते विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पढ़ें पूरी खबर

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 January 2026, 7:39 PM IST

Muzaffarnagar/Bareilly: यूजीसी कानून (UGC Law) को लेकर देश में बढ़ते विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुजफ्फरनगर से सांसद हरेंद्र मलिक ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने यूजीसी कानून को “जुमला” करार देते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दे सामने लाती है ताकि जनता का ध्यान असली समस्याओं से भटकाया जा सके।

कब और किस संदर्भ में आया बयान

बता दे कि, यह बयान हरेंद्र मलिक ने उस समय दिया, जब यूजीसी कानून को लेकर बरेली समेत कई जगहों पर विरोध और चर्चाएं तेज़ हैं। इसी विवाद के बीच बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे की घटना भी सामने आई है, जिसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज़ हो गई हैं।

“पहले 15 लाख का जुमला था, अब UGC Law का”

हरेंद्र मलिक ने कहा कि “सरकार जानबूझकर जुमले छोड़ती है। पहले 15 लाख रुपये देने का जुमला छोड़ा गया था, अब यूजीसी कानून का जुमला छोड़ा गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे मुद्दे इसलिए उछालती है ताकि लोग बढ़ी हुई फीस की वापसी, सस्ती दवाई, सस्ती पढ़ाई, और सस्ती सिंचाई जैसे सवाल न पूछ सकें।

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जाति और धर्म के नाम पर ध्यान भटकाने का आरोप

सपा सांसद ने कहा कि सरकार जाति विद्वेष और धार्मिक विद्वेष फैलाकर असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। “नौजवान रोजगार न मांग सके, गरीब बच्चा फीस की बात न कर सके इसीलिए यह सब किया जा रहा है।” उन्होंने साफ कहा कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है।

बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर क्या बोले

यूजीसी कानून के विरोध के बीच बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा इस्तीफा देने पर हरेंद्र मलिक ने कहा “जब किसी व्यक्ति को मानसिक पीड़ा होती है, तभी वह इस तरह का कदम उठाता है।” उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर अगर सच में साहस होता, तो पार्टी में विरोध बहुत पहले हो जाना चाहिए था।

“750 किसान शहीद हुए, तब भाजपा में फुट क्यों नहीं हुई?”

हरेंद्र मलिक ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा जब 750 किसान शहीद हुए, तब पार्टी के अंदर विरोध क्यों नहीं हुआ? जब MSP गारंटी कानून नहीं बना, तब आवाज़ क्यों नहीं उठी? जब बच्चों की फीस बढ़ी और नौजवानों का रोजगार छिना, तब साहस क्यों नहीं दिखा? उन्होंने कहा  “भाजपा के लोग साहसी नहीं हैं। जो साहसी हैं, वे सामने आएं, उनका स्वागत है।”

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“सरकार हर मोर्चे पर फेल”

हरेंद्र मलिक (Harendra Malik) ने कहा कि मौजूदा सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। “बेतहाशा फीस बढ़ाई गई, गरीब के बच्चे के हाथ से किताब छीन ली गई। सरकार सिर्फ ध्यान भटकाने का काम कर रही है।” उन्होंने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट का जिक्र करते हुए कहा “पहले कहा जाता था कि रुपया गिरता है तो सरकार की साख गिरती है। अब बताइए, किसकी साख गिर रही है?”

PDA और रोजगार की राजनीति पर सपा का रुख

सपा सांसद ने कहा कि समाजवादी पार्टी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के उत्थान की बात करती है। “हम जुमलों पर काम नहीं करते। हम रोजगार मांगते हैं, सस्ती पढ़ाई और सस्ती दवाई की बात करते हैं।” उन्होंने कहा कि सपा सभी वर्गों के बच्चों को रोजगार देने की मांग करती है।

राम मंदिर और धार्मिक राजनीति पर तीखी टिप्पणी

हरेंद्र मलिक ने धार्मिक मुद्दों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा “अधूरे मंदिर में रामलला की मूर्ति स्थापना कर दी गई। राम कण-कण में हैं, उन्हें कोई धरती पर लाने वाला नहीं।” उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा एक बच्चे का हाथ पकड़कर रामलला को लाने की बात कहे जाने को धर्म को बदनाम करने वाला कदम बताया।

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“भारत साधु-संतों और सूफियों का देश है”

Harendra Malik ने कहा “यह देश साधु-संतों, सूफी संतों और गुरुओं का देश है। शंकराचार्य को मजबूर करना दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने नागरिकता और प्रमाण पत्र से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों से कागज़ मांगे जा रहे हैं, जबकि बड़े उद्योगपतियों पर सवाल नहीं उठते।

 

Location : 
  • Muzaffarnagar

Published : 
  • 27 January 2026, 7:39 PM IST