विश्व क्षय रोग(टीबी) दिवस के मौके पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के मार्ग निर्देशन में मंगलवार को एएनएमटीसी सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 89 टीबी मुक्त ग्राम पंचायत को ये सम्मान दिया गया।

रायबरेली में टीबी मुक्त भारत अभियान
Raebareli: विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के मौके पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के मार्ग निर्देशन में मंगलवार को एएनएमटीसी सभागार में कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 89 टीबी मुक्त ग्राम पंचायत को स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने कहा टीबी मुक्त जनपद के लिये जन जागरुकता जरूरी है। उन्होंने समारोह में उपस्थित राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मचारियों एवं जन प्रतिनिधियो से आह्वान किया गया कि लोगों को टीबी के लक्षणों, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक करें जिससे कि जल्द से जल्द टीबी रोगी की पहचान कर उसका इलाज शुरू किया जा सके और संक्रमण के प्रसार को कम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि यह बीमारी किसी भी आयु वर्ग को और किसी भी वर्ग को हो सकती है। यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। इसको लेकर भ्रांतियां हैं उन्हें दूर करने की जरूरत है। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने कहा कि इस साल विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम है - “Yes! We Can End TB. Led by Bharat. Powered by Janbhagidari।
नवीन चंद्रा ने कहा कि यह केवल एक नारा ही नहीं बल्कि एक रणनीति और राजनीतिक प्रतिबद्धता है । देश के नेतृत्व, नई तकनीकी और सामूहिक प्रयासों से टीबी का अंत संभव है। उन्होंने बताया कि टीबी के संभावित लक्षण वाले व्यक्ति जनपद में स्वास्थ्य केंद्रो और अपने क्षेत्र में आने वाली हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीनो पर मुफ्त जांच का लाभ भी ले सकते हैं।
लगातार तीन कैलंडर वर्ष में टीबी मुक्त रहीं दो ग्राम पंचायतों को गांधी जी कि स्वर्ण प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। लगातार दो कैलंडर वर्ष में टीबी मुक्त रहीं 19 ग्राम पंचायतों को गांधी जी कि रजत प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। साल 2025 में टीबी मुक्त रहीं 68 ग्राम पंचायतों को गांधी जी की कांस्य प्रतिमा और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राकेश यादव, डॉ अरुण कुमार, डॉ शरद कुशवाहा एवं जिला पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक मनीष श्रीवास्तव, पीएमडीटी समन्वयक अतुल कुमार, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक के के श्रीवास्तव, वरुण देव, करुणा शंकर, ऋषिकेश, अरुण एवं वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक दिलीप कुमार और अमित कुमार राहुल आदि उपस्थित थे।