गोरखपुर में युवा चेतना समिति के 25वें स्वर्ण पदक सम्मान समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रतिभाओं के सम्मान को सशक्त राष्ट्र की नींव बताया। समाज, शिक्षा, साहित्य और खेल जगत की हस्तियों को सम्मानित किया गया।

प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में शिव प्रताप शुक्ल
Gorakhpur: रविवार को ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां समाज के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान कर एक सशक्त और प्रगतिशील भारत का संदेश दिया गया। सिविल लाइंस स्थित गोकुल अतिथि भवन का सभागार उस समय गौरव और प्रेरणा से भर उठा, जब युवा चेतना समिति द्वारा आयोजित 25वें स्वर्ण पदक सम्मान समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रतिभाओं के सम्मान को राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताया। यह आयोजन समिति के रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत सामाजिक चेतना, संस्कृति और सम्मान का भव्य उत्सव बन गया।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद युवा चेतना गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावनाओं से भर दिया। समिति अध्यक्ष मांधाता सिंह ने स्वागत संबोधन में संस्था की 25 वर्षों की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि किस तरह समिति लगातार समाज के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल का पारंपरिक रूप से अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि निःस्वार्थ सेवा, परिश्रम और ईमानदारी ही किसी भी समाज की असली शक्ति होती है। उन्होंने साहित्यकारों, कलाकारों और खिलाड़ियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में आगे आने का आह्वान किया। इस दौरान स्मृति-पत्रिका का विमोचन और डॉ. अनीता अग्रवाल की पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया, जो समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान ही किसी भी प्रगतिशील समाज की पहचान होता है। उन्होंने युवा चेतना समिति की सराहना करते हुए कहा कि संस्था वर्षों से सामाजिक चेतना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। विशिष्ट अतिथि अतुल सर्राफ ने भी समिति की सम्मान परंपरा को समाज को आगे बढ़ाने वाला बताया।
समारोह में समाज सेवा, चिकित्सा, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, विधि और खेल जगत से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड, साहित्य शिखर सम्मान, संगीत व नाटक शिखर सम्मान समेत अनेक पुरस्कारों से नवाजा गया। खेल प्रतिभाओं को पूर्वांचल खेल भूषण, खेल निधि और युवा चेतना पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विमल कुमार मोदी ने किया।