Sultanpur News: तबादले के बाद भी चर्चा में SP चारू निगम, अपराध नियंत्रण से जनसुनवाई तक छोड़ी छाप

सुल्तानपुर की पुलिस अधीक्षक चारू निगम का करीब छह महीने का कार्यकाल समाप्त हो गया है। उनके तबादले के बाद जिले में उनकी कार्यशैली की चर्चा हो रही है। कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और यातायात व्यवस्था को लेकर उठाए गए कदमों ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 August 2026, 12:06 PM IST

Sultanpur: चारू निगम ने सुल्तानपुर में पुलिस अधीक्षक का कार्यभार संभालने के बाद कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने पुलिसिंग को केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया। यही वजह रही कि कम समय में उन्होंने आम लोगों के बीच अपनी अलग छवि बनाई।

सख्त फैसलों से मिला स्पष्ट संदेश

कार्यभार संभालने के शुरुआती दिनों में ही उन्होंने कई चर्चित मामलों में सख्त कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि कानून सभी के लिए समान है। अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए। कई मामलों में गिरफ्तारी और प्रभावी कार्रवाई से अपराधियों में पुलिस का खौफ बढ़ा। लोगों का कहना है कि उनके कार्यकाल में पुलिस की सक्रियता पहले की तुलना में अधिक दिखाई दी।

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पुलिस विभाग में बढ़ाई जवाबदेही

चारू निगम के कार्यकाल में पुलिस विभाग के भीतर भी बड़े बदलाव देखने को मिले। करीब 600 से अधिक पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए। इस कदम को पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन लाने की कोशिश के रूप में देखा गया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और लापरवाही पर कार्रवाई भी की।

यातायात व्यवस्था सुधारने पर रहा जोर

शहर में जाम की समस्या कम करने और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कई अभियान चलाए गए। प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। हेलमेट अभियान, ई-चालान और यातायात नियमों के पालन पर विशेष ध्यान दिया गया। इन प्रयासों से सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ी।

चारू निगम (Img: Dynamite News)

जनसुनवाई और संवाद को दी प्राथमिकता

चारू निगम की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता आम लोगों से सीधा संवाद रही। वह फरियादियों की शिकायतों की नियमित समीक्षा करती थीं और संबंधित अधिकारियों को समय पर कार्रवाई के निर्देश देती थीं। मीडिया के साथ भी उनका बेहतर समन्वय रहा, जिससे पुलिस की कार्रवाई और सूचनाएं समय पर लोगों तक पहुंचती रहीं।

कर्तव्य निभाने की बनी मिसाल

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और पुलिस अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके नेतृत्व और जिम्मेदारी निभाने के तरीके की लोगों ने सराहना की। सख्ती के साथ संवेदनशील व्यवहार ने उन्हें जिले में एक अलग पहचान दिलाई।

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अब नए कप्तान के सामने चुनौती

चारू निगम के तबादले के बाद अब नए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के सामने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, यातायात सुधार और जनता के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने की चुनौती होगी। वहीं, चारू निगम के कार्यकाल को लेकर जिले में चर्चा अभी भी जारी है और लोग उनके काम को लंबे समय तक याद रखने की बात कह रहे हैं।

Location :  Sultanpur

Published :  21 August 2026, 12:06 PM IST