सुलतानपुर में पाइपलाइन के लिए खोदी गईं हजारों किलोमीटर सड़कें, कितनी हुईं ठीक? टूटी सड़क की शिकायत यहां करें

सुलतानपुर में पाइपलाइन बिछाने के बाद टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए जल निगम ग्रामीण ने अभियान शुरू किया है। विभाग के अनुसार, 4801.92 किलोमीटर सड़क की खुदाई हुई थी, जिसमें से 4765.91 किलोमीटर की मरम्मत कराई गई है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 28 October 2026, 7:15 PM IST

Sultanpur: सुलतानपुर में ग्रामीण इलाकों की सड़कों को लेकर जल निगम (ग्रामीण) ने मरम्मत अभियान शुरू किया है। गांवों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई किलोमीटर सड़कों की खुदाई की गई थी। विभाग का दावा है कि ज्यादातर सड़कों की मरम्मत कराई जा चुकी है, लेकिन कुछ जगहों पर काम बाकी है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए यह जानना जरूरी है कि सड़क टूटी मिलने पर शिकायत कहां और कैसे दर्ज कराई जा सकती है।

4801 किलोमीटर से ज्यादा सड़क की हुई थी खुदाई

सुलतानपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए बड़े स्तर पर सड़कें खोदी गई थीं। जल निगम (ग्रामीण) के मुताबिक, पाइपलाइन डालने के लिए कुल 4801.92 किलोमीटर सड़क की खुदाई की गई थी। विभाग ने इनमें से 4765.91 किलोमीटर सड़क की मरम्मत कराए जाने की जानकारी दी है।

इन आंकड़ों के अनुसार, करीब 36.01 किलोमीटर सड़क की मरम्मत अभी बाकी है। हालांकि, यह विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित गणना है। वास्तविक स्थिति का पता संबंधित गांवों में सड़कों का निरीक्षण करने के बाद ही चल सकेगा। पाइपलाइन बिछने के बाद सड़कों की मरम्मत ग्रामीणों के लिए अहम मुद्दा है। सड़कें खराब रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। खासकर बारिश के मौसम में गड्ढों और उखड़ी हुई सड़क के कारण दिक्कत बढ़ सकती है।

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सड़क नहीं बनी तो घर बैठे दर्ज कराएं शिकायत

अगर आपके गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, तो समस्या की शिकायत जल निगम (ग्रामीण) तक पहुंचाई जा सकती है। विभाग ने इसके लिए टोल फ्री नंबर और ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध होने की जानकारी दी है।

ग्रामीण इन माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
टोल फ्री नंबर: 1800-121-2164
जल समाधान ऐप: इसके माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है।
IGRS पोर्टल: ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर संबंधित विभाग तक समस्या पहुंचाई जा सकती है।
जलसाथी ऐप: सड़क की स्थिति से जुड़ी शिकायत के साथ मौके की फोटो और वीडियो भी अपलोड की जा सकती है।

शिकायत करते समय गांव का नाम, सड़क की सही जगह और समस्या का स्पष्ट विवरण देना उपयोगी रहेगा। इससे संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़क की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

फोटो और वीडियो से भी बता सकेंगे सड़क की हालत

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार सड़क की खराब स्थिति की जानकारी अधिकारियों तक समय पर नहीं पहुंच पाती। इसे ध्यान में रखते हुए जलसाथी ऐप के जरिए फोटो और वीडियो अपलोड कर समस्या दर्ज कराने की व्यवस्था की जानकारी दी गई है। अगर सड़क की खुदाई के बाद गड्ढे भरने, सड़क की सतह ठीक करने या मरम्मत का काम पूरा करने में लापरवाही हुई है, तो नागरिक इसकी जानकारी संबंधित विभाग को दे सकते हैं।

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विभाग की ओर से अधिकारियों को शिकायतों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बाद मरम्मत कब तक होगी, यह संबंधित स्थान की स्थिति और विभागीय कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

जल निगम ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), सुलतानपुर के अधिशासी अभियंता ईशु सुभाष चंद्र ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सड़कें अब तक ठीक नहीं हुई हैं, वहां से मिलने वाली शिकायतों के आधार पर जरूरी कार्रवाई कराई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो और क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त कराया जा सके।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर उनके गांव में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, तो इसकी सूचना विभाग को दें। जल निगम के आंकड़ों के मुताबिक, खुदाई की गई अधिकांश सड़कों की मरम्मत कराई जा चुकी है।

Location :  Sultanpur

Published :  28 October 2026, 7:01 PM IST