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सुलतानपुर में 425 लोगों को मिली स्वास्थ्य सेवाएं
Sultanpur: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में कई वर्षों से निष्क्रिय पड़ी जिला आकांक्षा समिति को दोबारा सक्रिय करने की पहल शुरू हो गई है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की प्रेरणा से उनकी पत्नी और जिला आकांक्षा समिति की अध्यक्ष मनजोत कौर ने नवरात्र पर्व पर महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण तथा सामाजिक उत्थान से जुड़ी मुहिम को नई दिशा दी है। जिला मुख्यालय से शुरू हुई इस पहल को अब गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को भी स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
इसी क्रम में शनिवार को पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में जिला आकांक्षा समिति के तत्वावधान में वृहद स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। समिति अध्यक्ष मनजोत कौर ने अन्य सदस्यों की मौजूदगी में फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। आयोजकों के अनुसार, शिविर में कुल 425 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला।
मनजोत कौर ने कहा कि इस मुहिम को ग्रामीण स्तर पर व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से अपनी समस्याएं और जरूरतें खुलकर साझा करने तथा विशेषज्ञों से परामर्श लेने की अपील की। कार्यक्रम में एक महिला ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसे शिविर आयोजित कराने की मांग रखी, जिससे शहर आने में असमर्थ महिलाओं को उनके आसपास ही स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
शिविर में गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराए गए। इनके माध्यम से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के पोषण तथा देखभाल का संदेश दिया गया। विशेषज्ञों ने मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण, एनीमिया की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता, किशोरियों के स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और परिवार नियोजन पर जानकारी दी। आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।

स्वास्थ्य सेवाओं के तहत 408 लाभार्थियों का आयुष्मान भारत योजना में पंजीयन हुआ और 57 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 72 लोगों की आभा आईडी बनाई गई। कुल 151 लोगों के रक्त की जांच हुई, जिनमें 15 लोग शुगर से पीड़ित और पांच लोग खून की कमी से ग्रसित पाए गए। गैर-संचारी रोगों के प्रति 128 लोगों को जागरूक किया गया। परिवार कल्याण विभाग ने 111 लाभार्थियों की काउंसलिंग की, जबकि क्षयरोग विभाग ने 107 लोगों को परामर्श दिया। संचारी रोगों से बचाव के लिए 85 लोगों को जागरूक किया गया।
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महिला रोग विभाग ने 53, नेत्र विभाग ने 42, अस्थि रोग विभाग ने 30 और दंत विभाग ने 15 लाभार्थियों को सेवाएं दीं। इसके अलावा 28 लोगों का एक्स-रे, 12 की ईसीजी और आठ की बलगम जांच हुई। मानसिक स्वास्थ्य के तहत सात लोगों की काउंसलिंग की गई तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 39 लाभार्थियों को परामर्श दिया गया। होम्योपैथिक विभाग ने 190, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने 151 और आयुर्वेद विभाग ने 50 लाभार्थियों को सेवाएं उपलब्ध कराईं।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। आयुष्मान कार्ड, श्रमिक पंजीकरण एवं ई-श्रम, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन से जुड़ी प्रक्रियाएं समझाई गईं। श्रम विभाग ने 35 और समाज कल्याण विभाग ने 15 लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी। पात्र लोगों को आवेदन और जरूरी दस्तावेजों के बारे में भी बताया गया।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी, जिला आकांक्षा समिति की सचिव एवं उप जिलाधिकारी मंजुल मयंक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण, स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय की पैथोलॉजिस्ट डॉ. शिवांगी सिंह, सुमन हॉस्पिटल की प्रबंध निदेशक सुमन सिंह तथा समिति की सदस्य इंदु भूषण, नेहा सिंह और नीलिमा गुप्ता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश में आकांक्षा समिति की स्थापना वर्ष 1987 में तत्कालीन मुख्य सचिव की पत्नी श्यामला कल्याण कृष्णन ने की थी। यह उत्तर प्रदेश आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (IASOWA) की विकासात्मक इकाई के रूप में स्थापित हुई थी। अब सुलतानपुर में समिति को फिर सक्रिय कर महिलाओं और किशोरियों तक स्वास्थ्य सेवाएं तथा सरकारी योजनाएं पहुंचाने की पहल की जा रही है।
Location : Sultanpur
Published : 17 October 2026, 8:08 PM IST