
नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर (फर्रुखाबाद) (IMG: Dynamite News)
Lucknow: बाबा नीब करोरी की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थलों को अब एक नए रूप में देश-दुनिया के सामने लाने की तैयारी है। जिन जगहों से बाबा का जीवन, साधना और आध्यात्मिक यात्रा जुड़ी रही, उन्हें अब एक ही पर्यटन सर्किट में पिरोया जा रहा है। महासमाधि दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बाबा नीब करोरी के नाम से नया आध्यात्मिक सर्किट विकसित करने की पहल शुरू की है। इतना ही नहीं, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यूपीएसटीडीसी ने पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं। इन यात्राओं का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इसके साथ ही फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में बाबा से जुड़े स्थलों के विकास पर करीब 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल के तहत बाबा नीब करोरी की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थानों को एक व्यवस्थित पर्यटन मार्ग के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसे ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ के रूप में तैयार किया जा रहा है। इस सर्किट में फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव शामिल है, जिसे बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर, लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर और वृंदावन स्थित समाधि मंदिर को भी इस आध्यात्मिक सर्किट से जोड़ा जा रहा है।
वृंदावन का समाधि मंदिर इसलिए भी इस सर्किट का अहम हिस्सा है क्योंकि वर्ष 1973 में बाबा ने यहीं महासमाधि ली थी। वहीं फर्रुखाबाद स्थित आश्रम को लेकर बताया गया है कि बाबा ने यहां भूमिगत गुफा में करीब 12 वर्ष तक साधना की थी। इस तरह बाबा की जन्मस्थली, साधना स्थल और महासमाधि स्थल को एक ही पर्यटन यात्रा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली के तौर पर विकसित करने का काम तेजी से किया जा रहा है। पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए फेज-1 के तहत 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बाद फेज-2 की परियोजना पर भी काम चल रहा है। इस परियोजना की लागत 2.22 करोड़ रुपये है और इसका 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अकबरपुर में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 55.44 लाख रुपये की एक अलग परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी।
बाबा नीब करोरी जन्मस्थान (फ़िरोज़ाबाद) (IMG: Dynamite News)
अकबरपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन तथा उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हॉल तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा डाइनिंग हॉल, करीब 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया और रसोई की सुविधा भी विकसित की जा रही है। पर्यटकों की सुविधा के लिए शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने की क्षमता वाली डॉरमेट्री भी बनाई जा रही है। फेज-2 के तहत गार्ड रूम और सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी सुविधाओं के साथ पत्थर के रास्ते भी बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण पर्यटन परियोजना में प्रवेश द्वार, साइनेज और म्यूरल वॉल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बाबा नीब करोरी से जुड़े फर्रुखाबाद स्थित आश्रम के विकास का काम भी किया जा चुका है। यहां पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। आश्रम में यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की गई हैं। पर्यटन विभाग का मकसद है कि बाबा से जुड़े इन स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर और व्यवस्थित सुविधाएं मिल सकें।
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महासमाधि दिवस के मौके पर यूपीएसटीडीसी ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ‘बाबा नीब करोरी’ के पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं। इनमें 2 दिन, 3 दिन और 5 दिन की यात्राएं शामिल हैं। पर्यटकों की मांग को ध्यान में रखते हुए इन विशेष टूर पैकेजों का संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बाबा से जुड़े प्रमुख स्थानों की यात्रा को आसान बनाना है। टूर पैकेज से जुड़ी जानकारी के लिए +91 91490 99890 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा यूपीएसटीडीसी की वेबसाइट upstdc.co.in पर भी टूर पैकेज की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नीब करोरी बाबा का महासमाधि दिवस ऐसे संत को याद करने का अवसर है, जिनका आस्था, सादगी और सेवा का संदेश आज भी भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अब इन स्थलों को संरक्षित करने और उन्हें व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है।
Location : Lucknow
Published : 10 September 2026, 6:48 PM IST
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