सोनभद्र के बीजपुर थाना क्षेत्र के जरहा गांव में 8 वर्षीय बच्ची की झूला झूलते समय फंदा लगने से मौत हो गई। परिवार के लोग घर से बाहर थे। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है। आसिया गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। उसकी अचानक हुई मौत से परिवार के साथ-साथ स्कूल के साथी बच्चे और शिक्षक भी सदमे में हैं।

झूले ने ली मासूम की जान
Sonbhadra: जिले में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। बीजपुर थाना क्षेत्र के जरहा गांव में खेल-खेल में एक 8 साल मासूम की जिंदगी खत्म हो गई। घर के अंदर बना झूला ही उसके लिए मौत का फंदा बन गया। जब परिजन लौटे तो जो मंजर सामने था, उसने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी। गांव में सन्नाटा है और हर आंख नम है।
जानकारी के मुताबिक, जरहा गांव निवासी समशेर की आठ वर्षीय बेटी आसिया घर पर अकेली खेल रही थी। परिवार के अन्य सदस्य पास में रहने वाले मुस्ताक के घर एक विदाई कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसी दौरान बच्ची ने खेल-खेल में छत की बल्ली के सहारे साड़ी और दुपट्टे से झूला बना लिया। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन झूला अचानक तेजी से गोल घूमने लगा। दुपट्टा उसके गले में कसता चला गया और वह खुद को छुड़ा नहीं पाई।
दम घुटने से गई जान
कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए। मासूम की सांसें थम गईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जब विदाई कार्यक्रम खत्म होने के बाद परिजन घर लौटे तो आसिया को झूले में फंसा देख उनके होश उड़ गए। चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में बच्ची को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
आसिया गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। उसकी अचानक हुई मौत से परिवार के साथ-साथ स्कूल के साथी बच्चे और शिक्षक भी सदमे में हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है। लोग इस घटना को एक दर्दनाक हादसा बता रहे हैं, लेकिन साथ ही बच्चों को घर में अकेला न छोड़ने की अपील भी कर रहे हैं।