सोनभद्र में अमृत सरोवर का खौफनाक सच: सुबह निकले मासूम और फिर तालाब किनारे मिली शर्ट ने उजाड़ दिए दो परिवार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां घर से बिना बताए निकले दो मासूम बच्चे तालाब में डूब गए। खोजबीन के दौरान किनारे पर बच्चों के कपड़े मिलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई, और पानी में तलाश करने पर दोनों के शव बरामद हुए। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 20 September 2026, 8:01 PM IST

Sonbhadra: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक बड़ा हादसा हो गया, जहां घर से बिना बताए निकले दो मासूम बच्चे तालाब में डूब गए। खोजबीन के दौरान किनारे पर बच्चों के कपड़े मिलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई, और पानी में तलाश करने पर दोनों के शव बरामद हुए। इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया है।

अमृत सरोवर में मिले दोनों बच्चों के शव

मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के पावार गांव का है। यहां अमृत सरोवर तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 10 वर्षीय सत्य और 7 वर्षीय अंशु बियार के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों बच्चे अपने घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित अमृत सरोवर तालाब की ओर चले गए थे। वे कथित तौर पर बिना किसी को बताए नहाने के लिए घर से निकले थे। कुछ समय बाद जब दोनों घर के आसपास दिखाई नहीं दिए तो परिजनों को चिंता होने लगी।

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आधे घंटे बाद शुरू हुई तलाश

परिवार वालों ने पहले आसपास और पड़ोस में बच्चों के बारे में जानकारी जुटाई। जब कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली तो रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने दोनों की तलाश शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान परिजन अमृत सरोवर तालाब के पास पहुंचे। तालाब के किनारे दोनों बच्चों की शर्ट दिखाई दी।

इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पानी में तलाश की। इसी दौरान तालाब में दोनों बच्चों के शव तैरते हुए दिखाई दिए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी मातम का माहौल छा गया।

सत्य अपने माता-पिता का था इकलौता बेटा

10 वर्षीय सत्य पावार गांव निवासी रोहित कहार का बेटा था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। सत्य की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, 7 वर्षीय अंशु बियार पिंटू बियार का बेटा था। वह दो भाइयों में बड़ा था। दोनों मासूमों की मौत ने उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार

घटना के बाद दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार दोपहर दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। हिंदूआरी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे। मासूमों की मौत से गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। तालाब और जलाशयों के आसपास बच्चों को अकेले जाने से रोकने और उनकी निगरानी रखने की जरूरत है, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को टाला जा सके।

Location :  Sonbhadra

Published :  20 September 2026, 8:01 PM IST