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सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र के रामगढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालक की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। एसओजी और पन्नूगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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Sonbhadra: सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र के रामगढ़ कस्बे में 12 वर्षीय बालक की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। एसओजी और पन्नूगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार 14 मार्च की रात करीब साढ़े आठ बजे रामगढ़ कस्बे में 12 वर्षीय आर्यन गुप्ता की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। आर्यन गुप्ता राजू गुप्ता का पुत्र था। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
घटना के बाद मृतक के नाना शिवमूरत गुप्ता ने थाना पन्नूगंज में तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में तत्काल जांच शुरू की गई।
घटना के जल्द खुलासे के लिए पुलिस और एसओजी की चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने इलाके में लगातार छानबीन करते हुए संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
इसी क्रम में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिसके आधार पर आरोपी दिवाकर गुप्ता (20) पुत्र गुलाब गुप्ता निवासी कसारी, थाना पन्नूगंज को रविवार को पकरहट नहर पलिया राकी गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके और मृतक के परिवार के बीच मकान के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसके अलावा उसे यह भी शक था कि मृतक का परिवार उसके घर पर जादू-टोना करता है।
आरोपी ने यह भी बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उसके भाई की जलकर मौत हो गई थी, जिसके लिए वह मृतक के परिवार को जिम्मेदार मानता था। इसी पुरानी रंजिश के चलते उसने आर्यन की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह, एसओजी एवं सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक राजेश चौबे, हेड कांस्टेबल सुशील सिंह, कांस्टेबल ओमप्रकाश यादव के साथ एसओजी टीम के सतीश सिंह पटेल, रितेश सिंह पटेल, अजीत कुमार और चालक अजीत यादव की अहम भूमिका निभाई है।