
जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा (IMG: Dynamite News)
Pratapgarh: प्रतापगढ़ के बाबागंज विकासखंड के रायगढ़ ग्राम सभा के कोटलिया गांव में बारिश से तबाह हुए कैंसर पीड़ित बुजुर्ग परिवार के लिए आखिरकार मदद के हाथ आगे बढ़े हैं। जिस परिवार का कच्चा आशियाना तेज बारिश में ढह गया था और गृहस्थी के सामान के साथ जरूरी दवाएं भी मलबे में दब गई थीं, उसकी परेशानी की खबर सामने आने के बाद अब समाजसेवी, स्थानीय ग्रामीण और इलाके के संभ्रांत लोग मदद के लिए आगे आए हैं। सोमवार सुबह से ही मौके पर जेसीबी मशीन और मजदूरों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू करा दिया गया।
इस पूरे मामले में डाइनामाइट न्यूज की खबर का असर भी देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों डाइनामाइट न्यूज ने 'कैंसर से पीड़ित बुजुर्ग का बारिश ने छीना आशियाना' शीर्षक से इस परिवार की परेशानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों ने परिवार की मदद की पहल शुरू की है। वहीं मुंबई के एक उद्योगपति ने परिवार के लिए पक्का मकान बनवाने और उनकी बेटी की शादी का खर्च उठाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही है।
बाबागंज के रायगढ़ ग्राम सभा के कोटलिया गांव निवासी लालता प्रसाद पांडेय की उम्र करीब 60 वर्ष है। वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। इनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बेटी की उम्र करीब 21 वर्ष है। परिवार के लिए मुश्किल उस समय और बढ़ गई, जब पिछले दिनों हुई तेज बारिश के चलते उनका कच्चा मकान ढह गया। अचानक मकान गिरने से परिवार की गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। बताया गया कि लालता प्रसाद के इलाज के लिए रखी गई जरूरी दवाएं भी मलबे में दब गईं।
परिवार की इस परेशानी को लेकर स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी। लोगों की मांग थी कि कैंसर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह इस मुश्किल दौर से बाहर निकल सके। इसी बीच डाइनामाइट न्यूज ने परिवार की स्थिति को प्रमुखता से सामने रखा। खबर के जरिए यह बताया गया कि किस तरह बीमारी से जूझ रहे बुजुर्ग के सामने बारिश के बाद रहने तक का संकट खड़ा हो गया है।
सोमवार को ग्रामीणों की मदद से जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची। इसके बाद ढहे हुए कच्चे मकान का मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। मजदूर भी सुबह से मौके पर जुटे रहे और मलबे को हटाने में सहयोग करते रहे। कई दिनों से जिस जगह पर परिवार अपने टूटे हुए आशियाने की वजह से परेशानी में था, वहां अब लोगों की मौजूदगी और मदद से उम्मीद की तस्वीर दिखाई देने लगी है। ग्रामीण अपने स्तर पर परिवार को राहत पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह सामने आई है कि इलाके के परानूपुर निवासी और मुंबई के उद्योगपति आनंद पाण्डेय ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। बताया गया कि आनंद पाण्डेय ने पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत की और उनकी स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने परिवार के लिए पक्का मकान बनवाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। इतना ही नहीं, उन्होंने परिवार की 21 वर्षीय बेटी की शादी का पूरा खर्च उठाने का भी जिम्मा लिया है।
परिवार के लिए यह मदद ऐसे समय में सामने आई है, जब कैंसर से जूझ रहे लालता प्रसाद के सामने इलाज के साथ-साथ रहने और बेटी की शादी जैसी बड़ी जिम्मेदारियां भी थीं। पक्का मकान मिलने से परिवार को भविष्य में बारिश और दूसरे मौसम में कच्चे मकान के ढहने जैसी चिंता से राहत मिलने की उम्मीद है।
पीड़ित परिवार की मदद के लिए अब स्थानीय ग्रामीण भी अपने स्तर से आगे आ रहे हैं। सोमवार को मलबा हटाने के लिए जेसीबी और मजदूर लगाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि लालता प्रसाद पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और बारिश में घर गिरने के बाद उनकी मुश्किल और बढ़ गई है। ऐसे में समाज के लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि जरूरत के समय परिवार का साथ दिया जाए। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया है कि परिवार को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बार फिर सामने आया है कि किसी जरूरतमंद परिवार की परेशानी को सामने लाने से मदद का रास्ता खुल सकता है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लालता प्रसाद का परिवार बारिश में अपना घर गंवाने के बाद बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा था। अब ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है और उद्योगपति आनंद पाण्डेय की ओर से पक्का मकान और बेटी की शादी में सहयोग की बात सामने आई है। परिवार के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
Location : Pratapgarh
Published : 7 September 2026, 3:58 PM IST