एक लाइन काफी थी तो दूसरी क्यों? सीतापुर में किसानों और व्यापारियों का हल्लाबोल, जानिए पूरी कहानी

सीतापुर के नैमिषधाम मार्ग पर प्रस्तावित दूसरी 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन बिजली लाइन का विरोध किया है। क्षेत्रवासियों ने एसडीएम को निर्माण रोकने और जरूरत होने पर भूमिगत केबल बिछाने की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 August 2026, 5:01 PM IST

Sitapur: सीतापुर जिले के नैमिषधाम मार्ग पर प्रस्तावित दूसरी 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन बिजली लाइन को लेकर ग्रामीणों, किसानों और व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जलालपुर–मछरेहटा मार्ग के क्षेत्रवासियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित लाइन का निर्माण रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले से मौजूद हाईटेंशन लाइन के बावजूद दूसरी लाइन बिछाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

ग्रामीणों ने बताया कि जलालपुर–मछरेहटा मार्ग पर पहले से ही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। इसके बावजूद उसी क्षेत्र में दूसरी हाईटेंशन लाइन डालने की योजना बनाई जा रही है। उनका कहना है कि इससे आसपास के लोगों की सुरक्षा प्रभावित होगी और खेती-किसानी के साथ व्यापार पर भी असर पड़ेगा।

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फसल, पेड़ और दुकानों को नुकसान की आशंका

ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि नई बिजली लाइन लगने से खेतों में खड़ी फसलें, पेड़-पौधे और सड़क किनारे स्थित दुकानों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा लाइन के नीचे रहने वाले लोगों को हमेशा हादसे का डर बना रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उन्हें इस तरह से किया जाना चाहिए कि आम लोगों के जीवन और आजीविका पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

दुर्घटना का खतरा बढ़ने की जताई आशंका

क्षेत्रवासियों ने बताया कि जलालपुर–मछरेहटा मार्ग एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां दिनभर भारी वाहनों का आवागमन रहता है। ऐसे में दो-दो हाईटेंशन बिजली लाइनों के होने से दुर्घटना और जनहानि की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से इस पहलू पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है।

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भूमिगत केबल बिछाने की उठाई मांग

ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि यदि क्षेत्र में नई बिजली लाइन बिछाना आवश्यक है तो उसे ओवरहेड लाइन के बजाय भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबल के रूप में डाला जाए। उनका कहना है कि इससे लोगों की जान-माल सुरक्षित रहेगी और खेती, व्यापार तथा यातायात भी प्रभावित नहीं होगा। अब इस मामले में प्रशासन के निर्णय पर क्षेत्रवासियों की निगाहें टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जनहित में उचित फैसला लिया जाएगा।

Location :  Sitapur

Published :  6 August 2026, 5:01 PM IST