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सिसवा कस्बे के सबयां क्षेत्र स्थित फायर स्टेशन में कार्यरत अग्निशमन कर्मी जितेंद्र सिंह राठौर के साथ हुए कथित पुलिस उत्पीड़न का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट
गाय के लेनदेन को लेकर अग्निशमन कर्मी की पिटाई
सिसवा : सिसवा कस्बे के सबयां क्षेत्र स्थित फायर स्टेशन में कार्यरत अग्निशमन कर्मी जितेंद्र सिंह राठौर के साथ हुए कथित पुलिस उत्पीड़न का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार देर शाम कोठीभार थाना क्षेत्र की पुलिस पर आरोप है कि उन्होंने गाय देने के दबाव में आकर जितेंद्र सिंह को एक दुकान पर जमकर पीटा। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, घटना सबया ढाला के पास की है, जहां स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिटाई के बाद पुलिस कर्मी मौके से गाय को लेकर चले गए। इस घटना से क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अग्निशमन कर्मी जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनका तबादला हो गया है और उन्होंने फायर स्टेशन में एक देसी गाय और एक घोड़ा पाल रखा है। कोठीभार थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश सिंह को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने 30 हजार रुपये में गाय का सौदा तय किया। जितेंद्र सिंह का कहना है कि वह गाय और घोड़ा एक साथ बेचना चाहते थे, लेकिन पुलिसकर्मी जबरदस्ती सिर्फ गाय लेने आ गए।
जितेंद्र सिंह के अनुसार, जब उन्होंने पहले पैसे की मांग की, तो पुलिस ने बदसलूकी करते हुए उन्हें पीटना शुरू कर दिया। यह दूसरी बार है जब उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी थाने में बुलाकर उन्हें पीटा गया था।
वहीं इस पूरे मामले में कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि किसी पुलिसकर्मी को निजी तौर पर गाय खरीदनी थी और लेनदेन को लेकर कुछ विवाद हुआ। मारपीट के आरोप गलत हैं और अग्निशमन कर्मी ने ही पुलिसकर्मियों से अभद्रता की थी। घटना से स्थानीय लोग काफी नाराज़ हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।