
धर्मांतरण का आरोप
Muzaffarnagar : जिले का फूलत गांव एक बार फिर धर्मांतरण के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला तब गरमा गया जब योग साधना आश्रम के महंत स्वामी यशवीर महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी कर गांव स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे पर हिंदू युवक-युवतियों के कथित धर्मांतरण जैसे गंभीर आरोप लगाए। वीडियो वायरल होते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
स्वामी यशवीर महाराज ने अपने वीडियो में दावा किया कि फूलत गांव स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे में पिछले कई वर्षों से हिंदू युवक-युवतियों का कथित धर्मांतरण कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहर से लड़कियों को लाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने के बाद मुस्लिम युवकों से विवाह कराया जाता है। वीडियो में उन्होंने कुछ लोगों के नाम भी लेते हुए दावा किया कि उनका धर्म परिवर्तन कराया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मदरसे को सील करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और एलआईयू (लोकल इंटेलिजेंस यूनिट) की टीम मदरसे पहुंची। अधिकारियों ने कई घंटे तक मौके पर जांच-पड़ताल की और उपलब्ध तथ्यों को खंगाला। हालांकि अब तक की जांच में धर्मांतरण से जुड़ा कोई ऐसा साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सके। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
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मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा से बात कर पूरे मामले की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति सामाजिक या असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार धर्मांतरण जैसे मामलों को गंभीरता से लेती है और कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाएगी।
फूलत गांव का नाम इससे पहले भी धर्मांतरण के मामलों को लेकर चर्चा में रह चुका है। जानकारी के मुताबिक, इसी गांव से जुड़े एक मदरसे के संचालक मौलाना कलीम सिद्दीकी को कुछ वर्ष पहले कथित धर्मांतरण रैकेट के आरोप में एटीएस ने गिरफ्तार किया था। इसी वजह से इस गांव का नाम एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है। हालांकि वर्तमान मामले की परिस्थितियां अलग हैं और इसकी जांच स्वतंत्र रूप से की जा रही है।
पुलिस अफसर ने बताया कि बिना ठोस साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Muzaffarnagar
Published : 4 July 2026, 1:52 PM IST