बलिया में सरयू का कहर, आबादी की ओर बढ़ा कटान; झिंगुरी-गोपालनगर टाड़ी में दहशत

बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का कटान लगातार तेज हो रहा है। गोपालनगर टाड़ी और झिंगुरी गांवों में नदी आबादी के करीब पहुंच गई है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रशासन और सिंचाई विभाग ने मौके का निरीक्षण कर बचाव कार्य तेज करने का दावा किया है, जबकि ग्रामीण स्थायी कटानरोधी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 August 2026, 2:04 PM IST

Ballia: मानसून के बीच सरयू नदी एक बार फिर बलिया के बैरिया तहसील क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। नदी का कटान अब केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आबादी की ओर तेजी से बढ़ने लगा है। गोपालनगर टाड़ी, झिंगुरी समेत कई गांवों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन उनकी जमीन नदी में समाती जा रही है और अब उनके घर भी खतरे की जद में आ गए हैं। बढ़ते कटान ने पूरे इलाके में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

खेतों के बाद अब घरों पर मंडरा रहा खतरा

बैरिया तहसील के कई गांवों में सरयू नदी लगातार अपना रास्ता बदल रही है। पहले नदी ने बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को अपने आगोश में लिया और अब उसकी धारा आबादी के बेहद करीब पहुंच चुकी है। गोपालनगर टाड़ी और झिंगुरी गांव के लोगों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो नदी रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले सकती है।

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सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी

कटान बढ़ने के साथ ही प्रभावित गांवों में अफरा-तफरी का माहौल है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। लोगों को डर है कि यदि नदी का बहाव नहीं रुका तो उन्हें अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

मौके पर पहुंची प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचे। अधिकारियों ने कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और हालात का जायजा लिया। प्रशासन का कहना है कि नदी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और बचाव कार्यों को तेज किया जाएगा ताकि आबादी को सुरक्षित रखा जा सके।

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हर मानसून में दोहराती है परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। हर वर्ष बरसात के मौसम में सरयू नदी का कटान गांवों के लिए संकट बनकर सामने आता है। अस्थायी बचाव कार्यों से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण हर मानसून में वही हालात पैदा हो जाते हैं।

स्थायी समाधान की मांग हुई तेज

ग्रामीणों ने सरकार और सिंचाई विभाग से मांग की है कि केवल अस्थायी बचाव कार्यों के बजाय स्थायी कटानरोधी परियोजना लागू की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते मजबूत तटबंध और प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

Location :  Ballia

Published :  4 August 2026, 2:04 PM IST