यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और आप करेगी बड़ा आंदोलन, बीजेपी वाले हुए परेशान! जानें क्या है रणनीति?

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर आरक्षण और संविधान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। संजय सिंह ने भाजपा पर आरक्षण खत्म करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछड़ों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 August 2026, 7:54 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरक्षण और संविधान के मुद्दे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद संजय सिंह ने साफ कहा कि आरक्षण और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी।

अखिलेश यादव से मुलाकात की तस्वीर की शेयर

संजय सिंह ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने पोस्ट में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान और आरक्षण के लिए भाजपा सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से आरक्षण खत्म करने को लेकर फिर से कोशिशें की जा रही हैं, जिन्हें हर हाल में रोकना होगा।

69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाया

संजय सिंह ने 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले को लेकर भी योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भर्ती में पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया है। आप सांसद ने कहा कि पिछड़ों के हक की लड़ाई अब केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे सड़क से लेकर संसद और न्यायपालिका तक ले जाया जाएगा।

आरक्षण के मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता की कोशिश

संजय सिंह और अखिलेश यादव की मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीति में विपक्षी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच आरक्षण, संविधान और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
संजय सिंह ने कहा कि देश में सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सभी स्तरों पर संघर्ष जरूरी है।

सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी उठाए सवाल

इससे पहले रविवार को संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी योगी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने दावा किया कि जौनपुर जिले में पांच ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनका जमीन पर कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें अभी भी 'ऑपरेशनल' यानी संचालित दिखाया जा रहा है। संजय सिंह ने इस मामले में खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति इन पांच कथित गायब स्कूलों में से एक को भी खोजकर दिखा देता है तो वह अपनी तनख्वाह से उसे एक लाख रुपये का इनाम देंगे।

यूपी की सियासत में बढ़ी हलचल

संजय सिंह के लगातार हमलों और अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद यूपी की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आरक्षण, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में विपक्ष के प्रमुख राजनीतिक हथियार बन सकते हैं।

Location :  Lucknow

Published :  23 August 2026, 7:54 PM IST