Saharanpur HIV News: 2500 मरीजों के बीच सामने आया चौंकाने वाला सच, युवाओं के आंकड़े ने बढ़ाई चिंता

सहारनपुर के एआरटी सेंटर में करीब 2500 HIV संक्रमित मरीज इलाज करा रहे हैं। काउंसिलिंग के दौरान 40-45 मामलों में पुरुषों के बीच यौन संपर्क से संक्रमण की जानकारी सामने आई। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हर साल 200-250 नए मरीज मिल रहे हैं। जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार पर जोर दिया जा रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 21 August 2026, 12:15 PM IST

Saharanpur: जिले में HIV संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों ने चिंता बढ़ाई है। एसबीडी जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर में करीब 2500 संक्रमित मरीज इलाज करा रहे हैं। काउंसिलिंग के दौरान सामने आया है कि इनमें 40 से 45 मामलों में पुरुषों के बीच यौन संपर्क के दौरान संक्रमण की जानकारी मिली।

काउंसिलिंग में सामने आए मामले

एआरटी सेंटर पर HIV संक्रमित मरीजों की नियमित काउंसिलिंग की जाती है। इस दौरान मरीजों से संक्रमण के संभावित कारणों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन मामलों में अधिकांश मरीजों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है।

इनमें युवा और कामकाजी लोगों के साथ अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक HIV संक्रमण को किसी व्यक्ति की यौन पहचान से जोड़ना सही नहीं है। असुरक्षित यौन संपर्क संक्रमण का एक प्रमुख माध्यम हो सकता है।

हर साल मिल रहे 200 से 250 नए मरीज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में हर साल करीब 200 से 250 नए HIV संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। इनमें पुरुषों और महिलाओं के अलावा बच्चे और ट्रांसजेंडर लोग भी शामिल हैं।

अधिकारियों का कहना है कि HIV को लेकर जागरूकता की कमी अभी भी बड़ी चुनौती है। सुरक्षित यौन व्यवहार, समय पर जांच और संक्रमण की स्थिति में नियमित उपचार से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

सात केंद्रों पर जांच और इलाज की सुविधा

सहारनपुर में HIV की जांच और उपचार के लिए कई केंद्रों पर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज, गंगोह सीएचसी, फतेहपुर सीएचसी, नानौता सीएचसी और देवबंद सीएचसी शामिल हैं।

इन केंद्रों पर जांच, काउंसिलिंग और आवश्यक दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीजों को निशुल्क इलाज दिया जाता है और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है।

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जागरूकता और समय पर जांच जरूरी

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार सिंह के अनुसार HIV संक्रमितों की काउंसिलिंग की जाती है और मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग का जोर संक्रमण की रोकथाम, समय पर जांच और मरीजों को नियमित उपचार से जोड़ने पर है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक HIV के साथ सामान्य जीवन संभव है। इसके लिए समय पर जांच, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार और संक्रमण से बचाव के उपायों का पालन जरूरी है।

 

 

Location :  Saharanpur

Published :  21 August 2026, 12:08 PM IST