
सहारनपुर गैंगरेप केस में बड़ा फैसला
Saharanpur: वर्ष 2015 के देवबंद के चर्चित मामले में सहारनपुर की FTC सेकंड कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तत्कालीन SHO बृजमोहन यादव और इंस्पेक्टर वेदपाल सिंह को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है। कोर्ट दोनों दोषियों को शुक्रवार को सजा सुनाएगी।
मामले के पैरोकार अधिवक्ता राजीव तोमर ने ने बताया कि घटना 6 अगस्त 2015 की है। पीड़िता गांधी कॉलोनी, कस्बा देवबंद की रहने वाली है। उनके पति के मामले में जानकारी लेने के लिए वह थाने गई थी, जहां उसके साथ गंभीर अपराध हुआ था।
अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस के खिलाफ मामला होने के कारण थाने में FIR दर्ज नहीं हुई। पीड़िता एसएसपी के पास गई, वहां भी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश पर CJM कोर्ट में 156(3) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
जांच CBCID को सौंपी गई। CBCID ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी, जिसे पीड़ित पक्ष ने कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन के जरिए चुनौती दी और कंप्लेंट केस भी दाखिल किया। तत्कालीन CJM ने सभी बयान और साक्ष्य देखकर चारों आरोपियों को धारा 376-D और 506 में तलब किया था।
अधिवक्ता राजीव तोमर ने बताया कि इस मामले में एक SI पंकज धामा ने फर्जी मेडिकल के आधार पर खुद को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर कार्यवाही से बचने का प्रयास किया, और एक सिपाही का पता नहीं चल सका। इसलिए मुकदमा दो आरोपियों के खिलाफ चला।
दोनों दोषी एक-एक माह जेल में रह चुके हैं और हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर थे। 11 साल 3 महीने के लंबे संघर्ष के बाद अब कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराया है। अधिवक्ता ने बताया कि बाकी दो आरोपियों के खिलाफ पत्रावली अलग कर वारंट की कार्यवाही चल रही है।
उन्होंने कहा कि रक्षक ही भक्षक बन जाए तो न्याय कहां मिलेगा? कोर्ट का यह फैसला समाज को नई दिशा देगा। सहारनपुर के इतिहास में इस तरह का फैसला बहुत कम हुआ है। उन्होंने कहा कि आरोपी प्रभावशाली पदों पर रहे, इसलिए पुलिस की हमदर्दी और दबाव के चलते मुकदमा लंबे समय तक लंबित रहा।
Location : Saharanpur
Published : 6 November 2026, 1:58 AM IST