स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। लेकिन अब पूर्व सभासद (नगर पंचायत उनवल) संतोष राम त्रिपाठी, के नेतृत्व में घनश्याम मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस आतंक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने एमएलसी धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

टोल प्लाजा के लिए सौंपा ज्ञापन
Gorakhpur: गोरखपुर में टोल टैक्स बचाने का खतरनाक खेल अब आम जनता की जान ले रहा है! गोरखपुर के दक्षिणांचल क्षेत्र में ओवरलोड ट्रेलर, ट्रक और डंपरों की बेलगाम दौड़ ने ग्रामीण सड़कों को हादसों का अड्डा बना दिया है। मुख्य मार्ग छोड़कर संकरी गलियों से गुजरते ये भारी वाहन रोजाना दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और नियम तोड़ने का सिलसिला इतना बढ़ गया है कि बाजार, स्कूल, घनी आबादी वाले कस्बे और पैदल राहगीर सभी दहशत में जी रहे हैं।
स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। लेकिन अब पूर्व सभासद (नगर पंचायत उनवल) संतोष राम त्रिपाठी के नेतृत्व में घनश्याम मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस आतंक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने एमएलसी धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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ज्ञापन में साफ लिखा गया कि गोरखपुर-वाराणसी मार्ग से आने वाले भारी वाहन तेनुआ और बेलीपार टोल प्लाजा से बचने के लिए खजनी, कौड़ीराम, बांसगांव, भटौली, उनवल, जैतपुर, पिपरौली और बोक्टा जैसे इलाकों की पतली-संकरी सड़कों को अपना रास्ता बना रहे हैं। इन वाहनों के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है। बच्चे स्कूल जाते समय डरते हैं, महिलाएं बाजार से लौटते समय कांपती हैं और बुजुर्ग घर से निकलने में हिचकिचाते हैं।डॉ धर्मेंद्र सिंह विधान परिषद सदस्य प्रदेश उपाध्यक्ष के RTO से वार्ता के बाद एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने मामले की गंभीरता को तुरंत समझा और संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) संजय कुमार झा को सख्त निर्देश दिए।
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संजय कुमार झा ने तत्काल एक्शन मोड में आते हुए पूरे संभाग के लिए अभियान का आदेश जारी कर दिया। पत्र में साफ-साफ लिखा है – सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों (प्रवर्तन) और यात्री कर अधिकारियों को पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित करके सघन चेकिंग अभियान चलाना होगा। ओवरलोड, बिना परमिट, नियमविरुद्ध चलने वाले हर वाहन पर चालान, वाहन सीज और ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने तक की सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन की रिपोर्ट सीधे RTO कार्यालय भेजने का आदेश दिया गया है।
RTO का साफ संदेश है “अब कोई भी वाहन टोल बचाने के नाम पर जनता की जान से खेल नहीं कर पाएगा। दक्षिणांचल की सड़कों पर आम आदमी की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” स्थानीय लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई से राहत की उम्मीद जगा रहे हैं। लेकिन सवाल अभी भी बरकरार है, कब तक चलेगा यह टोल-बचाने का खतरनाक खेल? क्या सड़कें फिर से सुरक्षित होंगी या हादसे और मौतें जारी रहेंगी? दक्षिणांचल की जनता की एक ही मांग है तुरंत, सख्त और निरंतर कार्रवाई हो! अब इंतजार नहीं, एक्शन चाहिए!