देवरिया में राप्ती-गोर्रा का रौद्र रूप! बढ़ते जलस्तर से दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा, खेतों में घुसा पानी

देवरिया में राप्ती और गोर्रा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में बसे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी किनारे के खेतों में पानी पहुंचने से धान समेत अन्य फसलों पर संकट बढ़ गया है। ग्रामीणों को गांवों में पानी घुसने और आवागमन प्रभावित होने की चिंता सता रही है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 6 September 2026, 4:03 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ के हालात के बीच देवरिया में भी राप्ती और गोर्रा नदियों के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नदियों का पानी लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में बसे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी किनारे के खेतों में पानी पहुंचने के बाद किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।

खेतों में पहुंचा नदी का पानी

राप्ती और गोर्रा नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। कई खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। धान समेत अन्य फसलों के पानी में डूबने की आशंका से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में महीनों की मेहनत और लागत लगती है। अगर नदी का जलस्तर और बढ़ा तो खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो सकती है। ऐसे में पहले से मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने बाढ़ का बढ़ता खतरा नई परेशानी बन गया है।

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गांवों में भी बढ़ने लगी दहशत

नदी का पानी बढ़ने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। लोगों को आशंका है कि अगर जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही तो गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता घरों के साथ-साथ पशुधन को लेकर भी है। पानी बढ़ने की स्थिति में पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना भी चुनौती बन सकता है।

प्रशासन की तैयारियों पर टिकी ग्रामीणों की नजर

राप्ती और गोर्रा के बढ़ते जलस्तर के बीच अब ग्रामीण प्रशासन की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों की मांग है कि संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जाए और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जरूरी इंतजाम पहले से किए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी अगर गांवों की ओर बढ़ता है तो राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की मांग की जा रही है।

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पानी और बढ़ा तो बढ़ सकती है मुश्किल

फिलहाल राप्ती और गोर्रा नदियों का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों के लिए खतरे की घंटी बना हुआ है। नदी किनारे खेतों में पानी पहुंचने के बाद किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। अगर जलस्तर में आगे भी बढ़ोतरी जारी रहती है तो निचले इलाकों के गांवों में आवागमन और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ सकती है।

Location :  Deoria

Published :  6 September 2026, 4:03 PM IST