Ram Mandir Silver Case: राम मंदिर की चढ़ाई चांदी पर पुलिस को कब हुआ शक? जांच में सामने आया पूरा सच

राम मंदिर में दान की चांदी और पैसों के इस्तेमाल को लेकर पुलिस जांच तेज हो गई है। 1000 किलो चांदी को हैदराबाद में पिघलाने और लाने-ले जाने में लाखों रुपये खर्च होने का खुलासा हुआ है। जानिए क्या है पूरी इनसाइड स्टोरी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 6 July 2026, 9:12 AM IST

Ayodhya: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चंदा चोरी और दान के पैसों के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बाद अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स की गहन जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में पुलिस अब ट्रस्ट द्वारा किए गए दावों की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रस्ट ने पूर्व में दावा किया था कि भक्तों द्वारा दान में दी गई चांदी की शुद्धता जांचने और उसे चांदी की ईंटों में ढालने के लिए हैदराबाद भेजा गया था, लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया पर आने वाले खर्च और दावों को लेकर जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

लाखों रुपये सिर्फ लाने-ले जाने और पिघलाने में हुए खर्च

सुरक्षा बलों और जांच अधिकारियों के सूत्रों के मुताबिक, इतनी भारी मात्रा में चांदी को कड़ी सुरक्षा के बीच अयोध्या से हैदराबाद स्थित सरकारी कंपनी (SPMCIL) भेजने और वापस लाने में ही भारी-भरकम राशि खर्च हो गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चांदी को सुरक्षित परिवहन (ट्रांसपोर्ट) देने में ही 1 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई थी।

इसके अलावा, चांदी में मौजूद अशुद्धियों को दूर करने, उसकी शुद्धता की जांच करने और उसे वापस ईंट के रूप में ढालने की प्रक्रिया में करीब 20 लाख रुपये का खर्च आया। इस भारी खर्च की जानकारी नवंबर 2024 और मार्च 2025 में हुई ट्रस्ट की बैठकों में साझा की गई थी।

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1000 किलो चांदी पिघलने के बाद रह गई सिर्फ 900 किलोग्राम

अधिकारियों ने बताया कि दान के रूप में अलग-अलग कलाकृतियों, सिक्कों और गहनों के रूप में मिली लगभग 1,000 किलोग्राम चांदी को टेस्टिंग के लिए हैदराबाद की सरकारी मिंटिंग यूनिट भेजा गया था। जब वहां इस चांदी को पिघलाया गया और उसकी अशुद्धियों को साफ किया गया, तो वजन घटकर केवल 900 किलोग्राम रह गया।

लैब टेस्टिंग के दौरान इस चांदी की शुद्धता करीब 90 प्रतिशत पाई गई थी। अब पुलिस इस बात की तस्दीक कर रही है कि क्या वास्तव में यह खर्च जायज था और ट्रस्ट ने मंदिर में आने वाले अन्य कीमती चढ़ावे व आभूषणों को किस तरह से संभाला है।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक और गणना कक्ष पर सवाल

जांच में एक बेहद चौंकाने वाला पहलू मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सामने आया है। करीब डेढ़ महीने पहले एक उच्च स्तरीय बैठक में मंदिर परिसर की सुरक्षा की समीक्षा की गई थी और इसे मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे।

इसके बावजूद, जिस कक्ष (कैलकुलेशन रूम) में दान किए गए पैसों और गहनों की गिनती होती है, उसके ठीक बाहर सुरक्षा की कमान एक निजी सुरक्षाकर्मी के हवाले थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उस सुरक्षाकर्मी के पास कोई एक्स-रे मशीन या आधुनिक डिटेक्टर तक मौजूद नहीं था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी ढिलाई साफ नजर आती है।

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आज की ट्रस्ट बैठक में लिया जा सकता है बड़ा फैसला

इन विवादों और सुरक्षा में चूक की खबरों के बीच आज सोमवार को होने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बैठक में कुछ सदस्य दान-पात्रों में गहने डालने और उसकी गिनती के लिए एक बेहद पारदर्शी और जवाबदेह डिजिटल सिस्टम बनाने की मांग उठा सकते हैं। साथ ही, भक्तों के बीच खोए हुए भरोसे को वापस पाने के लिए दान और चढ़ावे के पूरे रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने पर भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

Location :  Ayodhya

Published :  6 July 2026, 9:12 AM IST