
अयोध्या राम मंदिर (फोटो सोर्स- Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितता और चोरी के मामले में जांच अब उन आठ नामजद आरोपियों की भूमिका पर केंद्रित हो गई है, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। विशेष जांच दल (SIT) की संस्तुति के बाद दर्ज मुकदमे में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें से ज्यादातर लोग मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती, रिकॉर्ड और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
एफआईआर के मुताबिक राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को मंदिर व्यवस्था से जुड़े अहम व्यक्ति के रूप में बताया गया है। वह ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी और पूर्व ड्राइवर रहे हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि टिन्नू यादव की मंदिर की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका थी। चढ़ावे की गणना प्रक्रिया की निगरानी से लेकर गणना कक्ष की चाबी तक उनके पास रहने की बात सामने आई है।
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी बताए गए हैं। उन्हें मंदिर में आने वाली दान राशि की गणना के काम से जोड़ा गया था। जांच के अनुसार, चढ़ावे की रकम को गिनने और उससे संबंधित प्रक्रिया में उनकी भूमिका थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता हुई या नहीं।
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एफआईआर में लवकुश मिश्रा का नाम भी शामिल है। जांच के मुताबिक वह मंदिर में प्राप्त नकदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की गणना प्रक्रिया से जुड़े थे। आरोप है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई कथित गड़बड़ी में उनकी भूमिका हो सकती है। फिलहाल जांच टीम उनसे जुड़े रिकॉर्ड और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
अनुकल्प मिश्रा को भी दान राशि की गणना करने वाली टीम का सदस्य बताया गया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि नोटों की गिनती, गड्डियां तैयार करने और रिकॉर्ड मिलान की प्रक्रिया में उनकी क्या भूमिका रही।
एफआईआर के अनुसार अविनाश शुक्ला मंदिर के चढ़ावे और दान के हिसाब-किताब से जुड़े कामों में शामिल थे। जांच एजेंसियां उनके बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चढ़ावे की रकम से जुड़ा कोई संदिग्ध लेनदेन हुआ या नहीं।
करुणेश पांडे को भी चढ़ावे की राशि की गणना से जुड़े मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि उनकी भूमिका दान राशि की गिनती और उससे संबंधित प्रक्रिया में सामने आई है। फिलहाल उनसे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
मनीष कुमार यादव का नाम भी एफआईआर में शामिल है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उनकी मंदिर के चढ़ावे और दान पेटियों तक पहुंच थी। इसी आधार पर उन्हें मामले में आरोपी बनाया गया है। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि उनकी भूमिका सिर्फ प्रक्रिया तक सीमित थी या किसी तरह की अनियमितता में भी शामिल थी।
रमाशंकर मिश्रा को भी मंदिर में नकदी और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति के रूप में नामजद किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि गणना और रिकॉर्ड तैयार करने के दौरान उनकी क्या जिम्मेदारी थी और क्या कोई गड़बड़ी हुई।
Location : Ayodhya
Published : 26 June 2026, 3:19 PM IST