कोई तफ्तीश नहीं, बेखौफ एंट्री; राम मंदिर में ऐसे बनती थी नोटों की गड्डियां आरोपियों की जागीर, SIT ने खोला अबतक का सबसे बड़ा राज

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी (SIT) की चौंकाने वाली जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई है। सीसीटीवी कैमरों की ओट लेकर जूतों और कपड़ों में नोटों की गड्डियां छिपाने वाले 8 आरोपी अब जेल में हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़कर दंग रह जाएंगे आप।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 July 2026, 1:21 PM IST

Ayodhya: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने हर राम भक्त और जांच एजेंसियों को हिलाकर रख दिया है। सार्वजनिक हुई एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट की एक-एक लाइन में चोरी के ऐसे गहरे राज छिपे हैं, जिसे पढ़कर कोई भी हैरान रह जाएगा।

इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि मंदिर के दानपात्र और गणना कक्ष में हुई यह चोरी कोई अचानक या एक बार में की गई वारदात नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से एक सोची-समझी और नियोजित साजिश का हिस्सा थी।

जेल में बंद आरोपितों ने इस पवित्र स्थान पर बार-बार, अलग-अलग तारीखों में चोरी को अंजाम दिया। चोरी करना जैसे इन आरोपियों की प्रवृत्ति (आदत) बन चुकी थी, जिसने अब सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेखौफ आते-जाते थे आरोपी

जांच रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर परिसर और विशेषकर नोटों की गिनती वाले गणना कक्ष में इन आरोपितों का एकतरफा सिक्का चलता था। वे बिना किसी डर के गुट बनाकर एक साथ नोटों की गिनती करने बैठते थे। उनके भीतर और बाहर आने-जाने पर कोई रोक-टोक नहीं थी। चोरी करने का उनका तरीका बेहद शातिराना था; जब एक कर्मचारी सीसीटीवी कैमरे के सामने आकर उसकी ओट (आड़) लेता था, तो ठीक उसी समय दूसरा कर्मचारी बड़ी ही आसानी से नोटों की गड्डियों से अपनी जेबें भर लेता था।

27 अप्रैल से 5 मई 2026 तक के सीसीटीवी फुटेज में यह साफ देखा गया है कि आरोपी न सिर्फ अपने कपड़ों में बल्कि अपने जूतों के भीतर तक नोटों की गड्डियां और खुले पैसे छिपाकर बाहर ले जाते थे। ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने भी जांचकर्ताओं को ऐसे कई फुटेज सौंपे हैं।

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एसआईटी खंगाल रही 45 दिन का बैकअप

जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया है कि इन आरोपियों की नकदी तक सीधी और बेरोक-टोक पहुंच थी। ये लोग सीधे नोटों की गड्डियों के पास बैठते थे। नियमों को ताक पर रखकर ये अपने मोबाइल फोन और निजी वस्तुएं भी गणना कक्ष के अंदर ले जाते थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि न तो अंदर प्रवेश करते समय और न ही बाहर निकलते समय इन कर्मचारियों की कोई शारीरिक तलाशी ली जाती थी।

इसी लापरवाही का फायदा उठाकर वे लगातार चढ़ावे की भारी धनराशि पर हाथ साफ करते रहे। इस खुलासे के बाद अब एसआईटी की टीम और पीछे जाकर सच तलाशने में जुटी है। टीम अब गणना कक्ष के सीसी कैमरों की 45 दिन से पहले की रिकॉर्डिंग का बैकअप निकालने और उसे रिकवर करने का प्रयास कर रही है, ताकि चोरी के वास्तविक आकार का पता लगाया जा सके।

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अनुकल्प और अविनाश समेत 8 आरोपी काट रहे हैं जेल की हवा

पवित्र चढ़ावे की राशि का गबन करने और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने के इन्हीं संगीन आरोपों में पुलिस और प्रशासन ने अब तक बड़ी कार्रवाई की है। मामले में मुख्य रूप से नामजद अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, रमाशंकर मिश्रा, लवकुश और रमाशंकर टिन्नू सहित कुल आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जो वर्तमान में सलाखों के पीछे हैं।

एसआईटी की इस अंतिम रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद अब मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन सुरक्षा के प्रोटोकॉल को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में कोई भी मर्यादा पुरुषोत्तम के दरबार में ऐसी हिमाकत न कर सके।

Location :  Ayodhya

Published :  11 July 2026, 1:21 PM IST