राखी की खुशियां मातम में बदलीं: बहनों से राखी बंधवाने लखनऊ जा रहे गोला के स्वर्ण व्यवसायी की दिल्ली में दर्दनाक मौत

बहनों से राखी बंधवाने की खुशी लेकर लखनऊ जा रहे गोला के युवा स्वर्ण व्यवसायी और इंजीनियर विजय वर्मा (30) की शुक्रवार सुबह दिल्ली में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी रैपिडो बाइक में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 28 August 2026, 6:54 PM IST

गोरखपुर: रक्षाबंधन पर बहनों से राखी बंधवाने की खुशी लेकर लखनऊ जा रहे गोला के युवा स्वर्ण व्यवसायी और इंजीनियर विजय वर्मा (30) की शुक्रवार सुबह दिल्ली में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी रैपिडो बाइक में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की खबर जैसे ही गोला स्थित परिवार तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया।

पत्नी, बच्चों और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। परिजन तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
विजय वर्मा गोला उपनगर के वरिष्ठ भाजपा नेता, स्वर्ण व्यवसायी एवं पूर्व सभासद अशोक वर्मा के बड़े पुत्र थे। जानकारी के अनुसार विजय किसी कार्य से दिल्ली गए थे।

शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वह रैपिडो बाइक से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जा रहे थे। उन्हें ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचना था, जहां रक्षाबंधन के पर्व पर अपनी बहनों से राखी बंधवानी थी। इसी दौरान रास्ते में तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि विजय की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उनके मोबाइल से नंबर निकालकर हादसे की सूचना परिजनों को दी।

राखी का इंतजार कर रही थीं बहनें, पहुंची मौत की खबर

विजय पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। बड़ी बहन रेखा, छोटी बहन डॉ. सुमन और छोटे भाई विशाल वर्मा लखनऊ में रहते हैं। एक बहन शालू का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। रक्षाबंधन पर परिवार के साथ मिलने की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन पर्व की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं।

बीटेक के बाद संभाल रहे थे पिता का कारोबार

विजय ने बीटेक की पढ़ाई की थी। कोविड महामारी से पहले वह दिल्ली और लखनऊ में नौकरी करते थे। महामारी के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर पिता के स्वर्ण व्यवसाय में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। गोला मुख्य चौक स्थित पारिवारिक दुकान का कारोबार भी वही देखते थे। विजय विवाहित थे और उनके तीन वर्षीय पुत्र तथा एक वर्षीय पुत्री हैं। हादसे के बाद पत्नी और मासूम बच्चों समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

विजय की असामयिक मौत से गोला के व्यापारियों और नगरवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। विधायक राजेश त्रिपाठी, गिरधारीलाल स्वर्णकार, सभासद श्रवण वर्मा, शत्रुघ्न कसौधन और दिलीप कुमार उमर समेत अनेक लोगों ने शोक जताते हुए परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

Location :  Gorakhpur

Published :  28 August 2026, 6:53 PM IST