
विधायक राकेश यादव (Photo Source: Dyamite News)
Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले की गैसड़ी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक राकेश यादव ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही खबरों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर सीधे तौर पर आरोप लगाया कि क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से घबराकर विरोधी खेमा अब उनके खिलाफ व्यक्तिगत और मनगढ़ंत आरोप लगाने पर उतर आया है। विधायक ने साफ किया कि उनके ऊपर लगाए गए जमीन हड़पने और चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने के सारे दावे पूरी तरह से झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह 'शैलू' और धुसाह गांव की रहने वाली एक महिला संघमित्रा गौतम ने विधायक पर अवैध कब्जे और होटल निर्माण को लेकर गंभीर आरोप मढ़े। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए सपा विधायक राकेश यादव ने स्पष्ट किया कि जिस भूखंड को लेकर इतना हंगामा खड़ा किया जा रहा है, उसका प्रशासनिक स्तर पर एक या दो बार नहीं बल्कि करीब 15 बार आधिकारिक सीमांकन और पैमाइश की जा चुकी है। हर बार की जांच में यह साबित हो चुका है कि शिकायतकर्ता की जमीन उनके मालिकाना हक वाली भूमि के दायरे में कहीं आती ही नहीं है। उन्होंने कहा कि उक्त महिला ने किसी अन्य व्यक्ति से जमीन खरीदी थी, इसलिए उनका विवाद विक्रेता से होना चाहिए न कि उनसे। उनका होटल पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया और स्वीकृत मानचित्र के आधार पर बना है।
चुनावी हलफनामे में संपत्ति का ब्योरा छिपाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए राकेश यादव ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि देश और प्रदेश दोनों ही जगहों पर इस समय भारतीय जनता पार्टी की सरकारें काम कर रही हैं। जांच एजेंसियों की कमान भी उन्हीं के हाथों में है। अगर उनके विवरण में जरा सी भी विसंगति होती, तो पिछले दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान विरोधी चुप नहीं बैठते और केंद्रीय एजेंसियां अब तक कार्रवाई कर चुकी होतीं। चुनाव के करीब आते ही इस तरह के अनर्गल प्रलाप केवल जनता को भ्रमित करने के लिए किए जा रहे हैं।
विधायक ने विपक्षी नेताओं को घेरते हुए कहा कि वे जनहित के असली मुद्दों पर बात करने से बच रहे हैं। उन्होंने चंदनपुर-पचपेड़वा-उतरौला मुख्य मार्ग का उदाहरण देते हुए कहा कि धार्मिक नगरी अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस बेहद महत्वपूर्ण मार्ग की बदहाली के लिए पूर्व जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं, जिन्होंने अपने समय में इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए। क्षेत्र की जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए सोमवार को एक विशाल विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किया जा रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र के शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे के विकास का श्रेय अपनी पार्टी को देते हुए कहा कि मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय को बलरामपुर में स्थापित कराने के लिए उनके दिवंगत पिता डॉ. एसपी यादव ने एक लंबा जन आंदोलन लड़ा था, जिसके दबाव में सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा था। इसके अलावा पिपरिया जमुनाही के रुके हुए राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण को दोबारा शुरू कराने और राप्ती नदी पर पुल बनवाने जैसे काम उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। विधायक ने अंत में संकल्प दोहराया कि वे किसी भी तरह की निष्पक्ष जांच के लिए हमेशा तैयार हैं और ऐसी गीदड़ भभकियों से डरकर जनहित के मुद्दों से पीछे नहीं हटेंगे।
Location : Balrampur
Published : 14 June 2026, 4:01 PM IST