Raebareli News: एनडीआरएफ ने दिया प्रशिक्षण, कर्मचारियों को सिखाए आपदा प्रबंधन के उपाय

महाराजगंज तहसील में गत दिवस एनडीआरएफ टीम द्वारा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। पढिये पूरी खबर

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 30 May 2025, 5:42 PM IST

रायबरेली: महराजगंज तहसील सभागार में वाराणसी से आई एनडीआरएफ की टीम ने महराजगंज तहसील में कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया। जिसकी अध्यक्षता उपजिलाधिकारी सचिन यादव ने की। इस कार्यक्रम में एनडीआरएफ की टीम ने कर्मचारियों को विभिन्न आपदाओं से निपटने के उपाय बताए।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, एनडीआरएफ के एएसआई जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में रेस्क्यूबर सरफराज अहमद, राजेश मिश्रा, दुर्गेश यादव, सुगंधा यादव और शालिनी यादव ने प्रशिक्षण दिया। टीम ने बाढ़, भूकंप, सर्पदंश, हृदय रोग और सड़क दुर्घटनाओं में बचाव का प्रशिक्षण दिया। कर्मचारियों को आगजनी से बचाव और घायलों के प्राथमिक उपचार की भी जानकारी दी गई। ब्लीडिंग रोकने चोटों को स्थिर करने और सीपीआर देने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया।

इसके साथ ही पानी में डूबे व्यक्ति को बचाने और शव निकालने की तकनीक जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में लेखपाल कानूनगो सहित तहसील के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। यह प्रशिक्षण कर्मचारियों को आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्यवाही के लिए तैयार करने के उद्देश्य आयोजित किया गया।

एनडीआरएफ की स्थापना कब हुई

बता दें कि 1990 के दशक के मध्य और उसके बाद के दशक में, आपदा प्रतिक्रिया और तैयारी पर वैश्विक चर्चा तेज हो गई, जो योकोहामा रणनीति योजना (1994) और ह्योगो फ्रेमवर्क फॉर एक्शन (2005) जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं से प्रेरित थी, दोनों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाया गया था। यह अवधि भारत में उड़ीसा सुपर साइक्लोन (1999), गुजरात भूकंप (2001) और हिंद महासागर सुनामी (2004) सहित कई गंभीर प्राकृतिक आपदाओं के साथ मेल खाती है। इन घटनाओं ने एक व्यापक आपदा प्रबंधन योजना की महत्वपूर्ण आवश्यकता को रेखांकित किया। इस पर प्रतिक्रिया करते हुए,  26 दिसंबर, 2005 को आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू किया गया, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की स्थापना हुई, जिसे आपदा प्रबंधन के लिए नीतियां, योजनाएं और दिशानिर्देश तैयार करने का काम सौंपा गया।

आपदा प्रबंधन अधिनियम का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के गठन का प्रावधान था, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के लिए विशेष प्रतिक्रिया देना था। 2006 में 8 बटालियनों के साथ शुरू में स्थापित एनडीआरएफ अब 16 बटालियनों तक विस्तारित हो चुका है, जिनमें से प्रत्येक में 1149 कर्मी हैं।

विभिन्न आपदा परिदृश्यों पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने, जीवन बचाने और प्रभावित समुदायों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने में एनडीआरएफ की तत्परता और क्षमता का उदाहरण है।

Location :  Raebareli

Published :  30 May 2025, 12:26 PM IST