रायबरेली में DM हर्षिता माथुर की निगरानी में RDA में लगे विशेष कैंप में 25 मानचित्र मामलों का निस्तारण हुआ और एक दिन में 1.34 करोड़ रुपये का राजस्व जमा हुआ। 18 बकायेदारों पर 2.25 करोड़ की आरसी जारी कर सख्त संदेश दिया गया।

रायबरेली DM हर्षिता माथुर का बड़ा एक्शन
Raebareli: रायबरेली में अब अवैध निर्माण, अधूरी फाइलें और सरकारी बकाया दबाकर बैठना आसान नहीं रहा। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शहरी विकास के नाम पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की सख्त निगरानी में रायबरेली विकास प्राधिकरण में लगा विशेष कैंप न सिर्फ आम लोगों के लिए राहत बना, बल्कि नियम तोड़ने और भुगतान से बचने वालों के लिए चेतावनी भी साबित हुआ। एक ही दिन में करोड़ों का राजस्व और आरसी की कार्रवाई ने प्रशासनिक सिस्टम में हलचल मचा दी।
मानचित्र कैंप में DM का सीधा सुपरविजन
जनपद में शहरी नियोजन और विकास को रफ्तार देने के उद्देश्य से रायबरेली विकास प्राधिकरण में मानचित्र निस्तारण के लिए विशेष कैंप आयोजित किया गया। इस कैंप की खास बात यह रही कि जिलाधिकारी हर्षिता माथुर खुद मौके पर मौजूद रहीं और हर फाइल की स्थिति पर नजर रखी। कैंप के दौरान मानचित्र से जुड़ी 25 गंभीर और लंबे समय से लंबित समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जिससे आवेदकों ने राहत की सांस ली।
एक दिन में 1.34 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व
तेजी से हुए निस्तारण का सीधा असर सरकारी खजाने पर दिखा। विकास प्राधिकरण को एक ही दिन में 1 करोड़ 34 लाख रुपये का रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन का मकसद लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि उन्हें नियमों के दायरे में रहकर सुरक्षित और वैधानिक निर्माण के लिए प्रेरित करना है।
भवन स्वामियों को सख्त लेकिन साफ संदेश
डीएम हर्षिता माथुर ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों का मानचित्र समय पर पास कराना बेहद जरूरी है। अवैध निर्माण भविष्य में परेशानी का कारण बनता है, जबकि मानचित्र स्वीकृत कराकर किया गया निर्माण पूरी तरह सुरक्षित और कानूनी होता है।
बकायेदारों पर पहली बार आरसी की कार्रवाई
कैंप के दौरान प्रशासन का सख्त रुख भी देखने को मिला। विकास प्राधिकरण की कमर्शियल दुकानें आवंटित होने के बाद भी किस्तों का भुगतान न करने वाले 18 लोगों को चिन्हित किया गया। बार-बार नोटिस के बावजूद भुगतान न करने पर इन बकायेदारों के खिलाफ 2 करोड़ 25 लाख रुपये की आरसी जारी कर दी गई। यह रायबरेली में पहली बार है जब विकास प्राधिकरण स्तर पर इतनी बड़ी वसूली के लिए आरसी की कार्रवाई की गई।
प्रशासनिक अमला रहा पूरी तरह मुस्तैद
इस विशेष कैंप में डीएम के साथ एडीएम विशाल यादव, एसडीएम सचिन यादव और विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। फाइलों की गहन जांच की गई और मौके पर मौजूद आवेदकों की समस्याओं को तुरंत सुना गया।
सख्त संकेत, अब लापरवाही नहीं चलेगी
रायबरेली प्रशासन की यह पहल साफ संकेत देती है कि अब अवैध कॉलोनियों, बिना मानचित्र निर्माण और सरकारी बकाया दबाने वालों पर सख्ती तय है। आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज होने के आसार हैं।