हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, अफसरों ने संभाला मोर्चा; प्रयागराज में पानी निकालने के लिए रात-दिन जुटी टीमें!

प्रयागराज में भारी बारिश के बाद जलभराव ने प्रशासन से लेकर रेलवे तक की मुश्किलें बढ़ा दीं। वीआईपी इलाकों में पानी भरने के बाद हाईकोर्ट ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पूरा प्रशासन मैदान में उतर आया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 August 2026, 8:02 PM IST

Prayagraj: प्रयागराज में लगातार बारिश के बाद जलभराव ने शहर की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात तब और गंभीर हो गए, जब शहर के कई वीआईपी और वीवीआईपी इलाकों में घरों और गलियों में पानी भर गया। मामले पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को तत्काल जल निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद महापौर, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और पीडीए वीसी समेत कई अधिकारी मैदान में उतर आए।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारी

बुधवार को जलभराव को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने अधिकारियों को तुरंत पानी निकालने की व्यवस्था करने और अगले दिन फिर उपस्थित होकर स्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रशासनिक अमले में तेजी दिखाई दी।

इलाके के दौरे पर पहुंचे अधिकारी

महापौर गणेश केसरवानी, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा और पीडीए वीसी ऋषिराज ने शहर के कई इलाकों का दौरा किया। जार्जटाउन, सिविल लाइंस, कटरा, सोहबतियाबाग, अलोपीबाग और रामबाग में जलभराव की स्थिति देखी गई। कई जगह पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू कराया गया।

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हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश के आवास के बाहर की गली में भी पानी भरने की सूचना के बाद अधिकारियों ने तत्काल जल निकासी कराई। इसके बाद इलाके में सफाई और चूने का छिड़काव कराया गया। गुरुवार को प्रशासन ने स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में होने का दावा किया।

डिप्टी सीएम ने भी जताई नाराजगी

प्रयागराज में जलभराव को लेकर डिप्टी सीएम ने भी सोशल मीडिया पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान शहरवासियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जनहित में जलभराव का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बनने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही।

रामबाग रेलवे स्टेशन भी पानी में डूबा

जलभराव का असर रेलवे व्यवस्था पर भी पड़ा। बुधवार को रामबाग रेलवे स्टेशन परिसर में पानी भर गया। पटरियों पर पानी आने से प्लेटफॉर्म संख्या एक से चार तक ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने विभूति एक्सप्रेस को छोड़कर कई ट्रेनों का संचालन झूंसी स्टेशन से करने का फैसला लिया।

स्टेशन मास्टर कार्यालय, आरपीएफ कार्यालय और स्टेशन मैनेजर के कक्ष तक पानी पहुंच गया। पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए, लेकिन लगातार जलभराव के कारण परेशानी बनी रही। स्थिति देखने के लिए वाराणसी के डीआरएम आशीष जैन भी रामबाग स्टेशन पहुंचे। रिटायरिंग रूम में ठहरे कर्मचारियों को भी सुरक्षित स्थान पर भेजना पड़ा।

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23 अगस्त तक कई ट्रेनों का बदला संचालन

रेलवे ने 23 अगस्त तक रामबाग स्टेशन से जुड़ी कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है। मऊ-प्रयागराज रामबाग मेमू, बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू और बलिया-प्रयागराज रामबाग समेत कई ट्रेनें इस अवधि में झूंसी तक ही चलेंगी। झूंसी से प्रयागराज रामबाग के बीच इन ट्रेनों का संचालन नहीं होगा।

1400 किमी सीवर लाइन के बावजूद सवाल कायम

शहर में जलभराव ने नालों और सीवर व्यवस्था की पोल भी खोल दी है। शहर के कई नाले चोक और सीवर जाम होने की शिकायत सामने आई है। बताया गया है कि अलग-अलग परियोजनाओं के तहत शहर में 1,400 किलोमीटर से अधिक सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है। मानसून से पहले नगर निगम ने 995 नाले-नालियों की सफाई का दावा भी किया था।

Location :  Prayagraj

Published :  20 August 2026, 8:02 PM IST