20 मिनट तक गूंजती रहीं चीखें, फिर छा गया सन्नाटा; शादी के विवाद में उजड़ गया पूरा परिवार

प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में शादी के विवाद को लेकर हुए ट्रिपल मर्डर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने करीब 20 मिनट के भीतर तीन बुजुर्गों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 June 2026, 5:37 PM IST

Prayagraj: प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के नीबी कुकुरकटवा गांव में सोमवार रात हुई तिहरी हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। महज 20 मिनट के भीतर तीन बुजुर्गों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना की जड़ एक युवती से शादी कराने को लेकर हुआ विवाद था।

एक फोन कॉल के बाद शुरू हुआ खूनी खेल

पुलिस जांच के अनुसार मुख्य आरोपी हिमांशु यादव ने रात करीब 10:15 बजे श्यामलाल गुप्ता को फोन कर दुकान खुली होने की जानकारी ली। इसके बाद वह अपने साथियों राजन यादव और निहाल गौतम के साथ रात करीब 10:30 बजे उनके घर पहुंचा। वहां पहुंचकर उसने भतीजी प्रिया से शादी कराने की बात उठाई, जिस पर विवाद शुरू हो गया।

20 मिनट में तीन हत्याएं

कहासुनी बढ़ने पर आरोपियों ने श्यामलाल गुप्ता पर हमला कर दिया। शोर सुनकर अमरावती देवी बीच-बचाव के लिए पहुंचीं तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। इसके बाद इंद्रावती देवी को भी नहीं बख्शा गया। पुलिस के मुताबिक घर के अंदर और बाहर संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि पीड़ितों ने खुद को बचाने की कोशिश की थी।

गांव के एक छोर पर था घर

घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि पीड़ितों का घर गांव के एक छोर पर स्थित था। आसपास पर्याप्त आबादी नहीं होने के कारण चीख-पुकार के बावजूद तत्काल मदद नहीं मिल सकी। जब तक ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।

पांच आरोपी गिरफ्तार, चौकी इंचार्ज निलंबित

पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी हिमांशु यादव को हथियार बरामदगी के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में पैर में गोली लगी। वहीं, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रामनगर चौकी इंचार्ज रामविलास यादव को निलंबित कर दिया गया है।

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पहले भी दी गई थी शिकायत

जांच में सामने आया है कि पीड़ित परिवार ने फरवरी में आरोपी की धमकियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार का आरोप है कि सुरक्षा की मांग के बावजूद शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

बेटी की आंखों में आंसू, गांव में मातम

पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतका अमरावती देवी की बेटी राधा अपनी मां का शव देखकर बिलख पड़ी। उसने कहा कि सोमवार शाम तक मां से उसकी सामान्य बातचीत हुई थी, लेकिन कुछ घंटों बाद सब कुछ बदल गया। गांव में अब भी दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है।

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खबर की वेल्यू एड: क्या टल सकती थी यह वारदात?

इस हत्याकांड ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि यदि पहले की गई शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो क्या तीन लोगों की जान बचाई जा सकती थी? अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में धमकी, पीछा करने या जबरन संबंध बनाने जैसे मामलों को अक्सर पारिवारिक विवाद समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन कई बार यही विवाद गंभीर आपराधिक घटनाओं में बदल जाते हैं। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर शिकायतों की मॉनिटरिंग और खतरे के आकलन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  Prayagraj

Published :  17 June 2026, 5:35 PM IST