
शादी के विवाद में उजड़ गया पूरा परिवार (Image Source: Pinterest)
Prayagraj: प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के नीबी कुकुरकटवा गांव में सोमवार रात हुई तिहरी हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। महज 20 मिनट के भीतर तीन बुजुर्गों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना की जड़ एक युवती से शादी कराने को लेकर हुआ विवाद था।
पुलिस जांच के अनुसार मुख्य आरोपी हिमांशु यादव ने रात करीब 10:15 बजे श्यामलाल गुप्ता को फोन कर दुकान खुली होने की जानकारी ली। इसके बाद वह अपने साथियों राजन यादव और निहाल गौतम के साथ रात करीब 10:30 बजे उनके घर पहुंचा। वहां पहुंचकर उसने भतीजी प्रिया से शादी कराने की बात उठाई, जिस पर विवाद शुरू हो गया।
कहासुनी बढ़ने पर आरोपियों ने श्यामलाल गुप्ता पर हमला कर दिया। शोर सुनकर अमरावती देवी बीच-बचाव के लिए पहुंचीं तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। इसके बाद इंद्रावती देवी को भी नहीं बख्शा गया। पुलिस के मुताबिक घर के अंदर और बाहर संघर्ष के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि पीड़ितों ने खुद को बचाने की कोशिश की थी।
घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि पीड़ितों का घर गांव के एक छोर पर स्थित था। आसपास पर्याप्त आबादी नहीं होने के कारण चीख-पुकार के बावजूद तत्काल मदद नहीं मिल सकी। जब तक ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी हिमांशु यादव को हथियार बरामदगी के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में पैर में गोली लगी। वहीं, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रामनगर चौकी इंचार्ज रामविलास यादव को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में सामने आया है कि पीड़ित परिवार ने फरवरी में आरोपी की धमकियों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार का आरोप है कि सुरक्षा की मांग के बावजूद शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। अब इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मृतका अमरावती देवी की बेटी राधा अपनी मां का शव देखकर बिलख पड़ी। उसने कहा कि सोमवार शाम तक मां से उसकी सामान्य बातचीत हुई थी, लेकिन कुछ घंटों बाद सब कुछ बदल गया। गांव में अब भी दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है।
इस हत्याकांड ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि यदि पहले की गई शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई होती, तो क्या तीन लोगों की जान बचाई जा सकती थी? अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में धमकी, पीछा करने या जबरन संबंध बनाने जैसे मामलों को अक्सर पारिवारिक विवाद समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन कई बार यही विवाद गंभीर आपराधिक घटनाओं में बदल जाते हैं। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर शिकायतों की मॉनिटरिंग और खतरे के आकलन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
Location : Prayagraj
Published : 17 June 2026, 5:35 PM IST