
मेडिकल कॉलेज में छात्र की मौत पर सवाल (Image Source: Dynamite News)
Pratapgarh: प्रतापगढ़ के डॉ. सोनेलाल स्वशासी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र मिथिलेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गंभीर हो गया है। पोस्टमार्टम में सीने और कंधे पर अंदरूनी चोटें मिली हैं। पिता ने जातिवाद और हत्या की साजिश का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे केशवराय स्थित डॉ. सोनेलाल स्वशासी मेडिकल कॉलेज परिसर में एमबीबीएस छात्र मिथिलेश कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम तीन वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी की निगरानी में किया। पैनल में डॉ. रतीश मिश्रा, डॉ. देवेंद्र कुमार और डॉ. जलालुद्दीन शामिल रहे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र के सीने और कंधे पर गहरी अंदरूनी चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। डॉक्टरों ने विषाक्त पदार्थ की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखकर परीक्षण के लिए भेजा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
मृतक के पिता कविलास राम, निवासी छिब्बी मझौवा, जिला बलिया ने पुलिस को दी गई तहरीर में कॉलेज में जातिवाद हावी होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस मुद्दे को लेकर छात्रों के बीच विवाद होते रहते थे। पिता ने बेटे की सुनियोजित हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
पिता ने लगाया हत्या का आरोप (Image Source: Dynamite News)
उन्होंने हंसराज, फारुख समेत चार से पांच लोगों पर साजिश के तहत हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। ये आरोप फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात करीब 8:15 बजे मिथिलेश अपने साथी छात्रों दीपक सोनकर, चिन्मय जैन और हंसराज के साथ प्रतापगढ़ बाइपास स्थित मेहमान ढाबे पर खाना खाने गया था। भोजन के बाद सभी हॉस्टल लौटे। इसके बाद मिथिलेश ने जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में अपने रिश्तेदार हिमांशु से मिलने की बात कही। वह बाद में साथी हंसराज के साथ हॉस्टल वापस आया था। अगले दिन हॉस्टल परिसर में उसका शव मिला।
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छात्र की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। प्राचार्य डॉ. देवजीत शर्मा ने सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम को दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य के मुताबिक, जांच में किसी की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। पोस्टमार्टम निष्कर्ष, बिसरा जांच और जांच टीम की रिपोर्ट से मौत से जुड़े घटनाक्रम पर आगे जानकारी मिलने की उम्मीद है।
Location : Pratapgarh
Published : 26 October 2026, 7:12 PM IST