
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Lucknow: शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने के फैसले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के इस कदम को ‘दिखावटी’ बताते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिक्षामित्रों के नाम एक पत्र जारी कर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने अपने पत्र में दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान शिक्षामित्रों को 40 हजार रुपये तक मानदेय मिलता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नौ वर्षों में शिक्षामित्रों के साथ अन्याय हुआ है और अब सरकार चुनावी दबाव में आकर केवल 18 हजार रुपये तक बढ़ोतरी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार वास्तव में शिक्षामित्रों की हितैषी है तो उसे पिछला बकाया भी चुकाना चाहिए।
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सपा प्रमुख ने शिक्षामित्रों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि हर महीने 22 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने इसे एक प्रतीकात्मक संदेश बताते हुए कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षामित्र और उनके समर्थक मिलकर भाजपा के खिलाफ 22 हजार वोट डाल सकते हैं। साथ ही उन्होंने ‘पीडीए सरकार’ बनाने का संकल्प लेने की अपील भी की।
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सपा की ओर से जारी बयान में भाजपा सरकार पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया गया है। कहा गया कि ऐसी नीतियों से लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जाता है और भावनाओं का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लिया जाता है।
Location : Lucknow
Published : 9 April 2026, 5:29 AM IST