प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन और जनसभा को लेकर गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पांच-स्तरीय सुरक्षा घेरा, 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती, ड्रोन पर प्रतिबंध और एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ पूरे क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया गया है।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Greater Noida: प्रधानमंत्री का दौरा, लाखों की भीड़ और हाई-प्रोफाइल आयोजन… ऐसे में जरा सी चूक भी बड़ा खतरा बन सकती है। यही वजह है कि जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले पूरा इलाका सुरक्षा के कड़े घेरे में तब्दील कर दिया गया है। दरअसल, आज (28 मार्च 2026 को) पीएम मोदी जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का रहे हैं। यह एयरपोर्ट एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है।
अभेद्य सुरक्षा में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में पूरे क्षेत्र को अभेद्य सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है, ताकि कार्यक्रम सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
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पांच-स्तरीय सुरक्षा, SPG के साथ तालमेल
कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी आर्किटेक्चर के तहत पांच-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। इसमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के साथ लगातार समन्वय रखा जा रहा है। करीब 5000 पुलिसकर्मी, पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ की टुकड़ियां अलग-अलग प्वाइंट्स पर तैनात की गई हैं।
रेड जोन घोषित, ड्रोन पर पूरी तरह प्रतिबंध
पूरे कार्यक्रम स्थल को रेड जोन घोषित किया गया है। यहां ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल सक्रिय कर दिए गए हैं। हर एंट्री पॉइंट पर डीएफएमडी, सघन तलाशी और पहचान सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
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बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड और खास इंतजाम
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड लगातार एंटी-सैबोटेज जांच कर रहे हैं। महिलाओं के लिए अलग चेकिंग एनक्लोजर और हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, ताकि सुरक्षा के साथ सुविधा भी सुनिश्चित की जा सके।
ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग का प्लान
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए खास ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। करीब 15 पार्किंग स्थलों पर 20 हजार वाहनों की व्यवस्था की गई है, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
आपात स्थिति से निपटने के पुख्ता इंतजाम
किसी भी इमरजेंसी के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर टेंडर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं। साथ ही मेडिकल डेस्क और एंबुलेंस कॉरिडोर के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
रिवराइन पेट्रोलिंग और हाईटेक निगरानी
यमुना नदी के पास होने के कारण जलमार्ग से भी निगरानी रखी जा रही है। रिवराइन पेट्रोलिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। साथ ही आधुनिक कमांड कंट्रोल डैशबोर्ड के जरिए पूरे आयोजन को मॉनिटर किया जा रहा है।