
पनियरा विधायक को पत्र सौंपते ग्राम प्रधान (Img: DN)
Maharajganj: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही चुनाव प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनती नजर आ रही है। ऐसे में पंचायतों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में ग्राम प्रधान जनप्रतिनिधियों द्वारा विधायक पनियरा ज्ञानेंद्र सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने की अपील की गई है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश की ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायतों का कार्यकाल क्रमशः 26 मई 2026 और 19 जुलाई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में हो रही देरी, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन लंबित होना और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया का पूरा न होना, चुनाव प्रक्रिया में बड़ी बाधा बन रहे हैं। ऐसे में बिना आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किए चुनाव कराना उचित नहीं होगा
पत्र में यह भी आशंका जताई गई है कि यदि निर्वाचित पंचायतों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। पूर्व के अनुभवों का हवाला देते हुए कहा गया कि प्रशासकीय व्यवस्था के दौरान कई जगह पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी देखने को मिली थी, जिससे ग्रामीण स्तर पर प्रशासन के प्रति विश्वास कमजोर हुआ।
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इसके विपरीत, निर्वाचित ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधि सीधे जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं और स्थानीय समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। यही कारण है कि वे अधिक पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि लोकतांत्रिक निरंतरता बनाए रखने और ग्रामीण विकास कार्यों को बाधित होने से बचाने के लिए वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल विधिसम्मत तरीके से बढ़ाया जाए।
Location : Maharajganj
Published : 25 April 2026, 12:19 PM IST