‘हमारी संस्कृति एक…’ श्री ऋतेश्वर जी महाराज का बड़ा बयान; जानिए क्या कहा?

मैनपुरी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में पीठाधीश्वर श्री ऋतेश्वर जी महाराज पहुंचे और भारतीय संस्कृति, हिंदुत्व और राष्ट्र की एकता पर जोर देते हुए कई अहम बातें कही। महाराज ने कहा कि भारत की जीवन पद्धति हिंदुत्व की है और देश के 140 करोड़ भारतीय सनातनी और हिंदू हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 13 February 2026, 7:43 PM IST

Mainpuri: मैनपुरी में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में पीठाधीश्वर श्री ऋतेश्वर जी महाराज पहुंचे और भारतीय संस्कृति, हिंदुत्व और राष्ट्र की एकता पर जोर देते हुए कई अहम बातें कही। महाराज ने कहा कि भारत की जीवन पद्धति हिंदुत्व की है और देश के 140 करोड़ भारतीय सनातनी और हिंदू हैं। उन्होंने बताया कि हमारी संस्कृति एक है, लेकिन किसी कारणवश पूजा पद्धति में भिन्नता आ गई।

हिंदुओं को संगठित होने की आवश्यकता

महाराज ने कहा कि हमारे समाज में उच्च-नीच और वर्गीकरण की वजह से हम कमजोर हुए हैं। “राष्ट्र मजबूत होता है तो हर व्यक्ति भी मजबूत होता है। इसके लिए हिंदुओं को संगठित होने की जरूरत है। हम या आप कोई भी हों, वास्तव में हम इस राष्ट्र में निवास करते हैं, तो इसे मजबूत करना हमारा पहला धर्म है। इस धर्म का निर्वाह करने मैं यहां आया हूं,” उन्होंने कहा।

अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य विवाद पर प्रतिक्रिया

अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य जी पर लगे यौन शोषण के आरोप पर पूछे जाने पर श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने कहा कि अभी उन्हें इसकी जानकारी नहीं है और वह जानकारी लेकर इस पर वार्ता करेंगे।

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बीजेपी और अन्य समुदायों पर टिप्पणी

महाराज ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट मौलाना कौसर हयात के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। मौलाना ने वंदे मातरम के बहाने मुसलमानों को हिंदू बनाने का आरोप लगाया था। इस पर महाराज ने कहा, “140 करोड़ लोग ही हिंदू हैं, यहां अन्य कोई है ही नहीं। बस पूजा पद्धति ही बदली है। हमारे पूर्वज एक ही हैं, कोई अलग नहीं है। कोई कन्वर्शन से हुआ, कोई जबरदस्ती या मजबूरी से नहीं, हम सब लोग एक ही हैं।”

संस्कृति और एकता पर जोर

श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने अपने संबोधन में हिंदुओं की एकता और राष्ट्र की मजबूती पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि व्यक्तिगत और सामाजिक विकास तभी संभव है जब लोग अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के प्रति जागरूक होकर संगठित हों।

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विराट हिंदू सम्मेलन में महाराज के विचारों ने उपस्थित लोगों को गहन संदेश दिया। उन्होंने न केवल धर्म और संस्कृति पर बल दिया, बल्कि समाज में एकता और संगठन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उनके संबोधन ने इस बात को स्पष्ट किया कि हिंदुत्व केवल पूजा पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय पहचान और सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।

Location : 
  • Mainpuri

Published : 
  • 13 February 2026, 7:43 PM IST